जुबीन गर्ग की संदिग्ध मौत पर मैनेजर और आयोजक14 दिन बाद गिरफ्तार

khabar pradhan

संवाददाता

2 October 2025

अपडेटेड: 12:17 PM 0ndGMT+0530

जुबीन गर्ग की संदिग्ध मौत पर मैनेजर और आयोजक14 दिन बाद गिरफ्तार

2 अक्टूबर 2025: जुबीन गर्ग की संदिग्ध मौत ने असम की राजनीति में हलचल मचा दी है। उनके करीबी रहे अंकुर हजारिका ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है । और मुख्यमंत्री हेमंत विश्वास शर्मा की पत्नी रिंकी भवन शर्मा और अर्नव गोस्वामी तक आरोप लगाए हैं ।

जुबिन की मौत मनी लॉन्ड्रिंग और गहरे वित्तीय घोटाले की साजिश का नतीजा बताया जा रहा है। सिंगापुर में हुई उनकी संदिग्ध मौत पर कई सवाल उठ रहे हैं। किंतु अब असम के मुख्यमंत्री के परिवार का नाम आते ही मामला ने तूल पकड़ लिया है।

जुबिन की मौत के 12 दिन बाद पुलिस का एक्शन:
जुबीन गर्ग की मौत को 12 दिन बीत चुके हैं पुलिस ने जुबिन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल के आयोजन श्याम कानू महांता को कल बुधवार सुबह दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। महांता सिंगापुर से जैसे ही लौटकर दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे। असम पुलिस को इमीग्रेशन ने सौंप दिया । जबकि सिद्धार्थ शर्मा को दिल्ली हरियाणा बॉर्डर से पकड़ा गया। दोनों को गुवाहाटी लाकर कामरूप सीजेएमके कोर्ट में पेश किया गया।
अदालत में अभी दशहरा की छुट्टियां चल रही है इसलिए जज के घर पर ही सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

मैनेजर और आयोजन पर आरोप:
पुलिस ने दोनों पर गैर इरादतन हत्या, आपराधिक साजिश और लापरवाही से जुबीन गर्ग की हत्या के आरोप लगाए हैं । एआईटी प्रमुख और विशेष डीजीपी मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने कहा है कानून के अनुसार ही जांच आगे बढ़ेगी
। 19 सितंबर को जुबीन गर्ग की सिंगापुर में डाइविंग के दौरान डूबने से मौत हो गई थी।

वे नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में शामिल होने गए थे । परिवार वालों का आरोप है कि आयोजकों और मैनेजर की लापरवाही से यह हादसा हुआ जिसमें जुबिन की मौत हो गई।
जुबीन गर्ग की पत्नी ने मैनेजर और आयोजन की गिरफ्तारी पर संतोष जताया है । और उन्होंने कहा है कि हम यह जानना चाहते हैं कि आखिरी पलों में उनके साथ क्या हुआ था । उन्होंने यह भी बताया कि हमें जांच टीम पर पूरा भरोसा है।‌ हम यह जानना चाहते हैं कि सच्चाई सबके सामने आए।

बोडोलैंड चुनाव में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। अब इस नए आरोप से जनता काफी गुस्से में है। और यह सवाल उठा रही है कि असम की सरकार सच छुपाने में क्यों लगी हुई है।
विपक्ष भी सवाल कर रहा है कि क्या जुबीन गर्ग की मौत हादसा है या सत्ता और पैसे के खेल की कीमत। असम की जनता जुबिन को बहुत प्यार करती थी । इसलिए जुबिन के गुनहगार को सामने लाना चाहती है।

मैनेजर और आयोजन के पास मिला जुबीन का मोबाइल:
पुलिस ने मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और आयोजक श्याम कानू की गिरफ्तारी के दौरान जुबीन का फोन भी इनके पास से बरामद किया। एसआईटी प्रमुख ने बताया कि यह फोन लापता था जो आरोपियों के पास से मिला है। फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता चल सके की मौत के पहले जुबिन किन लोगों के संपर्क में थे और आखिरी पलों में क्या बातचीत हुई थी।

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