मोहन सरकार का बड़ा फैसला: 3 लाख से अधिक कर्मचारियों के परिवार को मिलेगी पेंशन की सुविधा
संवाददाता
11 February 2026
अपडेटेड: 7:43 PM 0thGMT+0530
मंत्री परिषद की बैठक में कई अहम निर्णय – तलाकशुदा बेटी को भी मिलेगा परिवार पेंशन का लाभ: मोहन कैबिनेट में कई अहम फैसले
मध्य प्रदेश में बदला 50 साल पुराना पेंशन का नियम:
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, साल 2005 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों के परिवार को भी पेंशन की सुविधा दी गई है। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब राष्ट्रीय पेंशन योजना के अंतर्गत तलाकशुदा बेटी को भी परिवार पेंशन का लाभ दिया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से परिवार जनों को बड़ी राहत:
सरकार के इस फैसले से 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के परिवारजनों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी तक यह सुविधा केवल 2005 से पहले नियुक्त कर्मचारियों के परिजनों को मिल रही थी, जबकि बाद में नियुक्त कर्मचारियों के परिवार इससे वंचित थे।
मंत्रि-परिषद के इस निर्णय से प्रदेश के तीन लाख से अधिक कर्मचारियों के परिवारों को लाभ मिलने की संभावना है। बैठक में कुल 7133.17 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई।
इसके साथ ही मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियम 2026 तथा मध्य प्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत उपदान का संदाय) नियम 2026 को मंजूरी दी गई है l
न्यायालयीन कर्मचारियों को आयु सीमा में छूट:
मंत्रि-परिषद ने उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी सर्विस में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। बैठक में निर्णय लिया गया कि तकनीकी संवर्ग की वर्तमान और भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए कर्मचारियों को एक बार के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी जाएगी।
फिलहाल अनारक्षित वर्ग के लिए आयु सीमा 40 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष निर्धारित है।
2030-31 तक जारी रहेंगी दो विभागों की योजनाएं:
मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जनजातीय कार्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की स्वीकृति दी है। इसके लिए कुल 7,133 करोड़ 17 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
विभिन्न योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृतियां;
बैठक में कई योजनाओं के लिए बजट स्वीकृत किया गया। जनजातीय कार्य विभाग की पीवीटीजी आहार अनुदान योजना के लिए 2,350 करोड़ रुपये, एकीकृत छात्रावास योजना के लिए 1,703.15 करोड़ रुपये तथा सीएम राइज विद्यालय योजना के लिए 1,416.91 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
इसके अलावा आवास सहायता योजना के लिए 1,110 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति-जनजाति विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति एवं कक्षा 9वीं छात्रवृत्ति के लिए 522.08 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के लिए 31.03 करोड़ रुपये स्वीकृत दी गई है l
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 366.52 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए:
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में विद्युत आधोसंरचना विस्तार
द्वारा 63077 अविद्युतीकृत घरो एवं 650 अविद्युतीकृत स्थान संस्थाओं के विद्युतीकरण के लिए 366 करोड़ 72 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं l इसमें 220.03 करोड़ केंद्र का अनुदान तथा 146.69 करोड रुपए राज्य का अंश रहेगा l
8521 घरों का होगा ऑफ-ग्रिड विद्युतीकरण:
मंत्रि-परिषद ने म.प्र. ऊर्जा विकास निगम के माध्यम से 8521 घरों को ऑफ-ग्रिड प्रणाली से विद्युत सुविधा देने के लिए लगभग 97 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत दूरस्थ बसाहटों में सोलर आधारित व्यवस्था से विद्युतीकरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के समक्ष बजट का प्रस्तुतिकरण:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया। बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मुख्य सचिव अनुराग जैन और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सभी क्षेत्रों के विकास और कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।