MP Board: अब बोर्ड परीक्षा देना होगा महंगा, 10वीं-12वीं के छात्रों की फीस में हुई बढ़ोत्तरी

khabar pradhan

संवाददाता

6 April 2026

अपडेटेड: 4:03 PM 0thGMT+0530

MP Board: अब बोर्ड परीक्षा देना होगा महंगा, 10वीं-12वीं के छात्रों की फीस में हुई बढ़ोत्तरी

6 अप्रैल 2026
भोपाल:

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के 10वीं और 12वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी। मंडल ने परीक्षा और नामांकन (Enrollment) फीस समेत कई अन्य शुल्कों में वृद्धि कर दी है।

आंकड़ों के मुताबिक, इस फैसले से करीब 16 लाख से अधिक छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। बोर्ड ने परीक्षा शुल्क में सीधे तौर पर 300 रुपये की बढ़ोत्तरी की है। पहले जहां छात्रों को 1200 रुपये फीस देनी होती थी, अब उन्हें 1500 रुपये चुकाने होंगे।
इसके अलावा नामांकन शुल्क को भी 150 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये कर दिया गया है। डुप्लीकेट अंकसूची और स्कूलों की संबद्धता फीस में भी इजाफा किया गया है।
पुरानी डुप्लीकेट अंकसूची के लिए 600 रुपये के स्थान पर 1000 रुपये  देने होंगे|

निजी स्कूलों की संबद्धता (10वीं) के लिए  फीस 20,000 रुपये सेबढ़कर 22,000 रुपये होगी |
निजी स्कूलों की संबद्धता (12वीं) के लिए 27,000 रुपये के स्थान पर 30,000 रुपये होगी|

फीस बढ़ाने के पीछे क्या है कारण?
बोर्ड के सचिव ब्रजेश कुमार ओझा के अनुसार, हाईटेक तरीके से परीक्षा कराने में काफी खर्च आता है। इसके अलावा महंगाई भत्ता बढ़ने और कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के कारण मंडल पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। बोर्ड को इस फीस वृद्धि से सालाना करीब 54 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है।
खास बातें:
बोर्ड परीक्षा आयोजित करने में हर साल करीब 60 से 70 करोड़ रुपये खर्च होते हैं।
संबल योजना के तहत आने वाले करीब 4 लाख छात्रों की फीस सरकार भरती है, जिससे बोर्ड पर करीब 48 करोड़ का भार आता है।
इससे पहले साल 2018 और 2023 में भी फीस बढ़ाई गई थी।
इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उन मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों पर पड़ेगा जिनके बच्चे सरकारी या निजी स्कूलों में बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

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