30 अप्रैल 2026

भोपाल:
मध्य प्रदेश में इस साल गर्मी ने वक्त से पहले ही रौद्र रूप धारण कर लिया है। अप्रैल के महीने में ही सूरज की तपिश और लू ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। स्थिति यह है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही प्रदेश में बिजली की मांग ने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। मौसम विभाग और बिजली कंपनियों के लिए आने वाले कुछ महीने बड़ी चुनौती साबित होने वाले हैं।

प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामान्य से 1-2 डिग्री सेल्सियस ऊपर बना हुआ है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक:
खजुराहो में पारा 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है।
भोपाल में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों में तापमान 43 डिग्री के ऊपर बना हुआ है।
खंडवा, खरगोन, सीधी और रायसेन जैसे जिलों में भी भीषण गर्मी का असर देखा जा रहा है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ‘अल नीनो’ के प्रभाव के कारण गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है, जिससे लू के थपेड़े लोगों की मुश्किलें और बढ़ाएंगे।
बिजली की मांग ने बनाया नया इतिहास
गर्मी बढ़ने का सीधा असर बिजली की खपत पर पड़ा है। आमतौर पर बिजली की सबसे ज्यादा डिमांड जून या जुलाई में होती है, लेकिन इस बार अप्रैल में ही चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं:
28 अप्रैल को प्रदेश में बिजली की मांग 14,375 मेगावाट तक पहुंच गई।
पिछले साल (2025) इसी तारीख को मांग 156 मेगावाट कम थी।
लगातार एसी और कूलर चलने की वजह से बिजली सप्लाई सिस्टम पर भारी दबाव बढ़ गया है।
राहत की बात बस इतनी है कि प्रदेश के पास वर्तमान में करीब 20,200 मेगावाट बिजली उपलब्ध है, लेकिन अगर मांग इसी रफ्तार से बढ़ी तो सिस्टम को संतुलित रखना मुश्किल हो सकता है।
अप्रैल में क्यों बढ़ी इतनी डिमांड?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल गर्मी न केवल जल्दी आई है, बल्कि यह सामान्य से कहीं ज्यादा तेज है। लोगों ने अप्रैल की शुरुआत से ही कूलिंग अप्लायंसेज (एसी, कूलर, फ्रिज) का भारी इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इसके अलावा, खेती और उद्योगों में भी बिजली की खपत बढ़ी है, जिसका असर कुल डिमांड पर दिख रहा है।
अल नीनो का खतरा और भविष्य की चुनौती
मौसम एजेंसियों के अनुसार, आने वाले समय में अल नीनो का असर और गहरा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो:
* मई और जून में तापमान के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं।
* बिजली की मांग 500 मेगावाट तक और बढ़ सकती है।
* लंबी अवधि तक हाई डिमांड रहने से बिजली ग्रिड और ट्रांसफार्मर के खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।
आम जनता पर दोहरी मार
भीषण गर्मी से जहां जनजीवन प्रभावित है, वहीं बिजली की ज्यादा खपत ने आम आदमी की जेब पर भी बोझ डाल दिया है। लगातार चल रहे उपकरणों की वजह से बिजली बिल में भारी बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर के समय लू से बचें और बिजली का संयमित उपयोग करें ताकि सिस्टम पर ज्यादा दबाव न पड़े।