30 अप्रैल 2026

भोपाल:
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए एक अनूठी पहल की है। राज्य में अब अलग-अलग शहरों की पहचान वहां के खास फलों और सब्जियों से जोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश के प्रमुख शहरों में अलग-अलग “फलों और सब्जियों के महोत्सव” आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

महोत्सवों का कैलेंडर: कब और कहाँ क्या होगा?
सरकार ने इस साल के लिए महोत्सवों की एक पूरी सूची तैयार की है ताकि किसानों को उनके उत्पादों का सही बाजार और ब्रांडिंग मिल सके:
जून: भोपाल में आम महोत्सव का आयोजन होगा।
जुलाई: खरगोन में मिर्च महोत्सव मनाया जाएगा।
सितंबर: बुरहानपुर में केला महोत्सव की धूम रहेगी।
अक्टूबर: इंदौर में सब्जी महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
नवंबर: ग्वालियर में अमरूद महोत्सव का आयोजन होगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने संतरा महोत्सव आयोजित करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि प्रदेश के संतरा उत्पादक किसानों को लाभ मिल सके।

छोटी जगह में बड़ी कमाई का मंत्र
मुख्यमंत्री ने बैठक में जोर देकर कहा कि पारंपरिक खेती (गेहूं-धान) के साथ-साथ अब किसानों को फल, फूल, सब्जी, मसाले और औषधीय फसलों की ओर रुख करना चाहिए। उन्होंने इसे “छोटी जगह में बड़ी कमाई” का प्रभावी माध्यम बताया। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को जैविक खेती और प्राकृतिक खाद के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए, क्योंकि बाजार में जैविक उत्पादों की मांग बहुत ज्यादा है।
उज्जैन में फूलों की खेती को मिलेगा बढ़ावा
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए सरकार उज्जैन में फूलों की खेती के विस्तार पर बड़ा काम कर रही है। उज्जैन के पास एक गांव में 19 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है, जहाँ “सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्लोरीकल्चर” की स्थापना की जाएगी। इससे न केवल सिंहस्थ के दौरान फूलों की भारी मांग पूरी होगी, बल्कि स्थानीय किसानों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
ब्रांडिंग और इंटरनेशनल मार्केट पर फोकस
मध्य प्रदेश की उद्यानिकी और मसाला फसलों की मांग अब विदेशों में भी बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य है कि:
1. प्रदेश के औषधीय गुणों वाले उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की जाए।
2. औषधीय फसलों की सप्लाई चेन को मजबूत किया जाए ताकि आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में इनका उपयोग बढ़ सके।
3. प्रदेश में एक “हॉर्टिकल्चर प्रमोशन एजेंसी” की स्थापना की जाए, जो बागवानी फसलों के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने का काम करेगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा सहित मुख्य सचिव और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि मध्य प्रदेश के किसान अब आधुनिक और लाभकारी खेती की ओर तेजी से कदम बढ़ाएंगे।