ऑपरेशन सिंदूर: वो 9 आतंकी ठिकानों जिन पर हुई सटीक हवाई कार्रवाई

khabar pradhan

संवाददाता

7 May 2025

अपडेटेड: 6:20 AM 0thGMT+0530

ऑपरेशन सिंदूर: वो 9 आतंकी ठिकानों जिन पर हुई सटीक हवाई कार्रवाई

जैश-लश्कर-हिजबुल के कैंप ध्वस्त, देखें पूरी लिस्ट

जैश-लश्कर-हिजबुल के कैंप ध्वस्त, देखें पूरी लिस्ट

भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारतीय वायु सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के चार, लश्कर-ए-तैयबा के तीन और हिजबुल मुजाहिदीन के दो ट्रेनिंग कैंपों को निशाना बनाया। यह ऑपरेशन तीनों सेनाओं के संयुक्त प्रयास से हुआ, जो 1971 के बाद पहली त्रि-सेवा कार्रवाई थी।
पहलगाम हमले की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने पहलगाम में पर्यटकों और स्थानीय लोगों पर हमला किया, जिससे देश में आक्रोश फैला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा जवाब देने का ऐलान किया। 29 अप्रैल को सशस्त्र बलों को कार्रवाई की छूट दी गई। भारत ने कूटनीतिक कदम उठाए, जैसे पाकिस्तानी विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद करना।
निशाना बने 9 आतंकी ठिकाने
ऑपरेशन में निम्नलिखित ठिकानों को नष्ट किया गया:
मारकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर (जैश-ए-मोहम्मद): आतंकी प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र।
मारकज तैबा, मुरिदके (लश्कर-ए-तैयबा): 26/11 हमले से जुड़ा मुख्यालय।
सर्जल/तेहरा कलां, नरोवाल (जैश): प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में छिपा कैंप।
महमूना जोया सुविधा, सियालकोट (जैश): आतंकी गतिविधियों का अड्डा।
मारकज अहले हदीस, बरनाला, भिंबर (लश्कर): 100-150 आतंकियों की क्षमता।
मारकज अब्बास, कोटली (जैश): प्रशिक्षण और लॉन्चिंग पैड।
सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद (हिजबुल): स्नाइपिंग प्रशिक्षण केंद्र।
मारकज रहील शाहिद, कोटली (हिजबुल): बॉर्डर एक्शन टीम प्रशिक्षण।
लश्कर कैंप, मुरिदके (लश्कर): डेविड हेडली से जुड़ा ठिकाना।
हमले खुफिया जानकारी पर आधारित थे, जो स्वास्थ्य केंद्रों में छिपे कैंपों की मौजूदगी दर्शाते थे।
निष्पादन और नेतृत्व
तड़के 1:44 बजे शुरू हुए ऑपरेशन में वायु सेना ने मिसाइलों और हवाई हमलों का इस्तेमाल किया। सभी पायलट सुरक्षित लौटे। प्रधानमंत्री मोदी ने निगरानी की, और अजीत डोवल ने वैश्विक शक्तियों को सूचित किया। सेना ने कहा, “न्याय हुआ। जय हिंद!”
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने इसे “युद्ध की कार्रवाई” बताया और नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की, जिसमें तीन लोग मारे गए। उसने केवल तीन ठिकानों को नुकसान स्वीकार किया। अमेरिका ने संयम की अपील की, जबकि तालिबान ने पहलगाम हमले की निंदा की।
महत्व
ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को दर्शाता है। यह 2016 और 2019 की कार्रवाइयों की कड़ी में है, जो सैन्य संयम और कूटनीतिक रणनीति को उजागर करता है।

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