ऑपरेशन सिंदूर के बाद तनाव
संवाददाता
7 May 2025
अपडेटेड: 6:17 AM 0thGMT+0530
11 हवाई अड्डों पर उड़ानें बंद, एयर इंडिया की हेल्पलाइन जारी
11 हवाई अड्डों पर उड़ानें बंद, एयर इंडिया की हेल्पलाइन जारी
7 मई 2025 को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। हमले के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव बढ़ा, जिसके चलते उत्तरी भारत के 11 हवाई अड्डों पर वाणिज्यिक उड़ानें बंद कर दी गईं। श्रीनगर, जम्मू, लेह, अमृतसर, चंडीगढ़, धर्मशाला, कुल्लू, पठानकोट, देहरादून, गग्गल और शिमला में उड़ानें प्रभावित हुईं। एयर इंडिया ने 9 शहरों में दोपहर 12 बजे तक उड़ानें रद्द कीं और यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-69329333 और 011-69329999 जारी किए।
पहलगाम में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था, जिससे देश में आक्रोश फैला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा जवाब देने का वादा किया। 7 मई को तड़के वायु सेना ने नौ आतंकी ठिकानों, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर के मुख्यालय शामिल थे, को नष्ट किया। तीनों सेनाओं के संयुक्त ऑपरेशन ने 1971 के बाद पहली त्रि-सेवा कार्रवाई को अंजाम दिया। भारत ने सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया, जिससे कार्रवाई आतंकवाद-विरोधी रही।
ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी शुरू की, जिससे तनाव बढ़ा। भारत ने सुरक्षा के लिए उत्तरी हिस्से में एविएशन अलर्ट जारी किया। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। इस्लामाबाद और लाहौर हवाई अड्डों पर भी उड़ानें रद्द हुईं। पाकिस्तान ने ऑपरेशन को “युद्ध की कार्रवाई” बताया और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी, लेकिन केवल तीन ठिकानों को नुकसान स्वीकार किया।
अमेरिका ने संयम की अपील की, जबकि तालिबान ने पहलगाम हमले की निंदा की, जिससे पाकिस्तान कूटनीतिक रूप से अलग-थलग हुआ। भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन और रूस को सूचित कर समर्थन हासिल किया। ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को दर्शाता है, लेकिन तनाव ने हवाई सेवाओं को प्रभावित किया। यात्रियों को हेल्पलाइन से अपडेट लेने की सलाह दी गई। यह कार्रवाई भारत की सैन्य ताकत और कूटनीति को रेखांकित करती है।