प्रधानमंत्री मोदी और एलन मस्क के बीच फोन पर चर्चा
संवाददाता
18 April 2025
अपडेटेड: 9:32 AM 0thGMT+0530
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में भारत-अमेरिका साझेदारी पर जोर
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में भारत-अमेरिका साझेदारी पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क के साथ फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। पीएम मोदी ने इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह चर्चा इस साल की शुरुआत में वाशिंगटन डीसी में हुई उनकी मुलाकात का विस्तार थी। इस बातचीत ने दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
बातचीत का विवरण
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “एलन मस्क के साथ विभिन्न मुद्दों पर बात हुई, जिसमें इस साल की शुरुआत में वाशिंगटन डीसी में हमारी बैठक के दौरान शामिल विषय भी थे। हमने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाओं पर चर्चा की। भारत इन क्षेत्रों में अमेरिका के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
हालांकि, बातचीत के विशिष्ट विवरणों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें टेस्ला की भारत में विनिर्माण योजनाएं, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए बुनियादी ढांचे का विकास, और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में सहयोग जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं तलाशी गई होंगी।
वाशिंगटन डीसी मुलाकात का संदर्भ
इस साल की शुरुआत में वाशिंगटन डीसी में पीएम मोदी और एलन मस्क के बीच हुई मुलाकात के दौरान दोनों ने भारत में टेस्ला की संभावित परियोजनाओं और भारत के तकनीकी विकास पर चर्चा की थी। उस समय मस्क ने भारत में निवेश और विनिर्माण की संभावनाओं पर सकारात्मक रुख जताया था। इस फोन कॉल को उसी चर्चा को आगे बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है।
भारत में टेस्ला की योजनाएं
एलन मस्क ने पिछले कुछ वर्षों में भारत में टेस्ला की विनिर्माण इकाई स्थापित करने की इच्छा जताई है। भारत सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां लागू कर रही है, जिसमें EV उत्पादन के लिए सब्सिडी और आयात शुल्क में छूट शामिल हैं। माना जा रहा है कि इस बातचीत में टेस्ला की भारत में फैक्ट्री स्थापित करने की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि टेस्ला की भारत में मौजूदगी न केवल इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बढ़ावा देगी, बल्कि रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार में भी योगदान देगी।
तकनीकी सहयोग का महत्व
भारत और अमेरिका के बीच टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग को दोनों देश रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानते हैं। भारत ने हाल के वर्षों में डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, और स्टार्टअप इंडिया जैसे पहलों के जरिए तकनीकी क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। दूसरी ओर, मस्क की कंपनियां जैसे टेस्ला, स्पेसएक्स, और न्यूरालिंक तकनीकी नवाचार में अग्रणी हैं। इस साझेदारी से भारत को न केवल तकनीकी विशेषज्ञता हासिल होगी, बल्कि यह वैश्विक मंच पर उसकी स्थिति को और मजबूत करेगा।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इसे भारत के लिए एक बड़ा अवसर बताया है। एक यूजर ने लिखा, “पीएम मोदी और एलन मस्क की यह बातचीत भारत को टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” वहीं, कुछ अन्य ने इसे भारत में निवेश और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा है।
हालांकि, कुछ आलोचकों ने इस बातचीत को लेकर सवाल उठाए हैं कि क्या यह केवल प्रचार का हिस्सा है या इससे ठोस परिणाम निकलेंगे। विपक्षी नेताओं ने सरकार से इस बातचीत के परिणामों को जल्द से जल्द सार्वजनिक करने की मांग की है।
विशेषज्ञों की राय
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह बातचीत भारत के लिए कई क्षेत्रों में अवसर खोल सकती है। एक विशेषज्ञ ने कहा, “टेस्ला जैसी कंपनियों का भारत में आना न केवल इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बढ़ावा देगा, बल्कि बैटरी प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भी नवाचार को गति मिलेगी।” इसके अलावा, स्पेसएक्स के साथ सहयोग से भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को भी नई ऊंचाइयां मिल सकती हैं।