ऑपरेशन सिंदूर: पहलगाम हमले का जवाब…
संवाददाता
7 May 2025
अपडेटेड: 4:32 AM 0thGMT+0530
भारत की सटीक कार्रवाई
7 मई 2025 को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े इस हमले ने देश में आक्रोश फैलाया था। भारत की तीनों सेनाओं ने इस ऑपरेशन को संयुक्त रूप से अंजाम दिया, जो 1971 के बाद पहली त्रि-सेवा कार्रवाई थी। पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा जवाब देने का वादा किया।

29 अप्रैल को उच्च-स्तरीय बैठक में सशस्त्र बलों को कार्रवाई की स्वतंत्रता दी गई। भारत ने कूटनीतिक कदम भी उठाए, जैसे पाकिस्तानी विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद करना और UNSC में मुद्दा उठाना। 7 मई को तड़के 1:44 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ। नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर और लश्कर का मुरिदके मुख्यालय शामिल थे। मिसाइल और हवाई हमलों से आतंकी ढांचे नष्ट किए गए, बिना किसी पाकिस्तानी सैन्य सुविधा को नुकसान पहुंचाए। सभी भारतीय पायलट सुरक्षित लौटे। प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन की निगरानी की, और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने अमेरिका को सूचित किया। सेना ने इसे पहलगाम शहीदों को श्रद्धांजलि बताया, जिसमें “न्याय हुआ, जय हिंद!” का संदेश दिया। पाकिस्तान ने इसे “युद्ध का कार्य” करार दिया और LoC पर गोलीबारी की, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी, लेकिन केवल तीन ठिकानों को नुकसान की बात स्वीकारी। अमेरिका ने संयम की अपील की, जबकि तालिबान ने पहलगाम हमले की निंदा कर पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग किया। ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का प्रतीक है, जो 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट हमले की कड़ी में है। भारत ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर युद्ध टाला और वैश्विक शक्तियों को सूचित कर कूटनीतिक जीत हासिल की। यह कार्रवाई भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।