राष्ट्रपति की मंजूरी से लैंड फॉर जॉब मामले में बढ़ी लालू की मुश्किलें
संवाददाता
9 May 2025
अपडेटेड: 7:32 AM 0thGMT+0530
राष्ट्रपति की मंजूरी से लैंड फॉर जॉब मामले में बढ़ी लालू की मुश्किलें
गर्मी की मार झेल रहा बिहार
बिहार में सियासी और मौसमी हलचल ने एक साथ जोर पकड़ लिया है। गुरुवार, 8 मई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के खिलाफ लैंड फॉर जॉब घोटाले में मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी, जिसने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया। दूसरी ओर, बिहार में गर्मी ने भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। यह दोहरा संकट जहां एक तरफ सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं आम जनता को गर्मी से निपटने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है। आइए, इन दोनों बड़ी खबरों को विस्तार से समझते हैं।
लैंड फॉर जॉब घोटाला: लालू यादव की बढ़ी मुश्किलें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को लालू प्रसाद यादव के खिलाफ लैंड फॉर जॉब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। यह मामला तब का है, जब लालू रेल मंत्री थे और कथित तौर पर रेलवे में नौकरियों के बदले जमीन लेने का आरोप है। ED ने इस मामले में लालू और उनके परिवार के कई सदस्यों, जिसमें तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी भी शामिल हैं, के खिलाफ जांच तेज कर दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब लालू के खिलाफ औपचारिक रूप से मुकदमा शुरू होगा, जो बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर ला सकता है।
सूत्रों के अनुसार, यह घोटाला 2004-2009 के बीच का है, जब लालू ने रेलवे में ग्रुप-डी की भर्तियों में अपने करीबियों को जमीन के बदले नौकरियां दी थीं। जांच में सामने आया कि कई लाभार्थियों ने कम कीमत पर अपनी जमीन लालू के परिवार के नाम कर दी थी। ED ने इस मामले में कई जगहों पर छापेमारी की और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। सोशल मीडिया पर इस खबर ने तूल पकड़ लिया है, जहां कुछ लोग इसे “सर्जिकल स्ट्राइक” बता रहे हैं, तो कुछ इसे सियासी प्रतिशोध करार दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “लालू जी को अब कोर्ट में जवाब देना होगा, कोई नहीं बचेगा।”
लालू की प्रतिक्रिया: सियासी लड़ाई का ऐलान
लालू प्रसाद यादव ने इस मंजूरी को केंद्र सरकार की साजिश करार दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा, “जब हमने जातिगत जनगणना की मांग की, तो हमें जातिवादी कहा गया। अब यह मुकदमा सियासी बदले की कार्रवाई है। हम डरने वाले नहीं हैं।” RJD समर्थकों ने भी इसे “BJP की चाल” बताया और लालू के समर्थन में सोशल मीडिया पर अभियान शुरू कर दिया। तेजस्वी यादव ने भी टिप्पणी करते हुए कहा, “हमारी लड़ाई गरीबों और हाशिए पर खड़े लोगों के लिए है। कोई भी साजिश हमें रोक नहीं सकती।” यह मामला बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि RJD का बड़ा वोट बैंक लालू के नेतृत्व पर निर्भर है।
बिहार में गर्मी का कहर: यलो अलर्ट जारी
उधर, बिहार के मौसम ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार, 9 मई 2025 को पटना, गया, नालंदा, औरंगाबाद, दरभंगा, और सिवान सहित 25 जिलों में गर्मी और उमस के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिसके चलते लोगों को घरों में रहने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी करते हुए कहा कि अगले 48 घंटों में गर्म हवाएं और उमस बढ़ सकती है, जिससे लू का खतरा भी बढ़ गया है।
पटना में गुरुवार को हल्की बारिश ने कुछ राहत दी थी, लेकिन शुक्रवार को फिर से गर्मी ने जोर पकड़ लिया। स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने कहा, “गर्मी इतनी है कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सरकार को लू से बचाव के लिए कदम उठाने चाहिए।” प्रशासन ने गर्मी से निपटने के लिए कई जगहों पर प्याऊ और छायादार स्थानों की व्यवस्था की है। मौसम विभाग ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है, ताकि उनकी फसलें गर्मी और संभावित आंधी से प्रभावित न हों।
प्रशासन की तैयारियां: गर्मी और सियासत पर नजर
बिहार प्रशासन ने गर्मी के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा है। अस्पतालों में लू से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाए गए हैं, और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उधर, लालू यादव के खिलाफ मुकदमे की मंजूरी के बाद पटना में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। RJD समर्थकों के संभावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कई इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। पटना के डीएम ने कहा, “हम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील है।”
सियासी माहौल: बिहार में उबाल
लालू यादव के खिलाफ मुकदमे की मंजूरी ने बिहार की सियासत को गरमा दिया है। BJP और JDU ने इस फैसले का स्वागत किया है। JDU के एक नेता ने कहा, “यह कानून का शासन है। भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” वहीं, RJD और कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार की “विपक्ष को दबाने की साजिश” बताया। कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, “यह सियासी बदला है। लालू जी ने हमेशा गरीबों की आवाज उठाई, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।” यह मामला बिहार में विपक्षी गठबंधन और NDA के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है।
गर्मी से बचाव: प्रशासन की सलाह
मौसम विभाग और बिहार सरकार ने गर्मी से बचने के लिए कई सुझाव दिए हैं। लोगों से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर न निकलने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने, और नियमित रूप से पानी और ORS का सेवन करने की सलाह दी गई है। स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों की घोषणा पहले ही की जा चुकी है, और कई कार्यालयों में काम के घंटे भी कम किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि लू से होने वाली बीमारियों को रोका जा सके।
सोशल मीडिया पर चर्चा: लालू और गर्मी ट्रेंड
सोशल मीडिया पर लालू यादव और बिहार की गर्मी दोनों ही ट्रेंड कर रहे हैं। जहां कुछ यूजर्स लालू के खिलाफ मुकदमे को “न्याय की जीत” बता रहे हैं, वहीं RJD समर्थक इसे “सियासी साजिश” करार दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “लालू जी के खिलाफ यह मुकदमा बिहार की सियासत को बदल देगा।” गर्मी को लेकर भी लोग अपनी परेशानियां शेयर कर रहे हैं। एक अन्य यूजर ने लिखा, “बिहार में गर्मी और सियासत दोनों की तपिश बढ़ गई है। अब देखते हैं क्या होता है!”
बिहार में दोहरी चुनौती
लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मुकदमे की मंजूरी और बिहार में गर्मी का प्रकोप, दोनों ने मिलकर राज्य को दोहरी चुनौती दे दी है। जहां एक तरफ सियासी गलियारों में हलचल मची है, वहीं आम लोग गर्मी की मार से जूझ रहे हैं। लालू यादव का मामला बिहार की सियासत में नए समीकरण बना सकता है, खासकर तब जब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। दूसरी ओर, प्रशासन की कोशिश है कि गर्मी के इस दौर में लोगों को राहत मिले। यह समय बिहार के लिए सियासी और मौसमी दोनों मोर्चों पर परीक्षा का है, और सभी की नजरें अब अगले घटनाक्रम पर टिकी हैं।