राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम शमशेरगंज पहुंची
संवाददाता
19 April 2025
अपडेटेड: 7:40 AM 0thGMT+0530
राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम शमशेरगंज पहुंची
मुर्शिदाबाद हिंसा: राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम शमशेरगंज पहुंची, पीड़ितों से मुलाकात, गवर्नर भी लेंगे जायजा
मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और मालदा में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) सक्रिय हो गया है। NCW की अध्यक्ष विजया राहतकर के नेतृत्व में एक जांच समिति शमशेरगंज पहुंची, जहां उन्होंने हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान पीड़ितों ने अपनी आपबीती साझा की, जिसे सुनकर राहतकर ने उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल के गवर्नर सी.वी. आनंद बोस भी स्थिति का जायजा लेने के लिए हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।

NCW की कार्रवाई
NCW ने मुर्शिदाबाद हिंसा की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। विजया राहतकर ने शुक्रवार को मालदा के पारलालपुर हाई स्कूल में राहत शिविर का दौरा किया, जहां उन्होंने हिंसा के कारण विस्थापित महिलाओं से बात की। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें अपने घर छोड़कर भागीरथी नदी पार कर शरण लेनी पड़ी। राहतकर ने कहा, “महिलाओं और बच्चों ने जो तकलीफ झेली है, वह हृदयविदारक है। हम उनकी सुरक्षा और पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध हैं।” शमशेरगंज में भी NCW की टीम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना।
हिंसा का背景
मुर्शिदाबाद और मालदा में सांप्रदायिक तनाव के बाद हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें कई परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े। इस हिंसा में महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से निशाना बनाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। NCW ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गवर्नर का दौरा
गवर्नर सी.वी. आनंद बोस ने हिंसा को गंभीरता से लिया है और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार, गवर्नर पीड़ितों से मिलकर उनकी समस्याओं को समझेंगे और राज्य प्रशासन से जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे। उनका यह दौरा हिंसा की जड़ों और प्रशासनिक चूकों को उजागर करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
आगे की कार्रवाई
NCW ने हिंसा की जांच के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। राहतकर ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर कदम उठाया जाएगा। साथ ही, राहत शिविरों में महिलाओं और बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
सियासी प्रतिक्रिया
इस घटना ने पश्चिम बंगाल की सियासत को भी गरमा दिया है। विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सत्ताधारी दल इसे विपक्ष की साजिश बता रहा है। इस बीच, NCW और गवर्नर की सक्रियता से पीड़ितों को न्याय की उम्मीद जगी है।
यह मामला न केवल पश्चिम बंगाल, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। NCW और गवर्नर के दौरे से हिंसा के पीछे की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।