रूस से मई में भारत पहुंचेगा INS तमल
संवाददाता
6 May 2025
अपडेटेड: 7:27 AM 0thGMT+0530
ब्रह्मोस मिसाइल से लैस स्टील्थ युद्धपोत, नौसेना की ताकत में इजाफा
ब्रह्मोस मिसाइल से लैस स्टील्थ युद्धपोत, नौसेना की ताकत में इजाफा
भारतीय नौसेना की सामरिक क्षमता को और मजबूत करने के लिए रूस से एक अत्याधुनिक युद्धपोत, INS तमल, इसी महीने भारत पहुंचने वाला है। यह युद्धपोत ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों से लैस है और अपनी स्टील्थ तकनीक के कारण रडार की पकड़ से बाहर रहता है। 28 मई 2025 को यह जहाज भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होगा, जिससे समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन में भारत की स्थिति और सशक्त होगी।
INS तमल, प्रोजेक्ट 11356 के तहत निर्मित क्रिवाक III श्रेणी का उन्नत फ्रिगेट है, जिसे रूस के यांतर शिपयार्ड में बनाया गया है। यह बहु-भूमिका वाला स्टील्थ युद्धपोत हवाई, समुद्री, पनडुब्बी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए डिज़ाइन किया गया है। ब्रह्मोस मिसाइलों के साथ-साथ इसमें उन्नत एंटी-शिप और एंटी-सबमरीन हथियार प्रणालियां हैं, जो इसे समुद्र में घातक बनाती हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह युद्धपोत क्षेत्रीय तनाव, विशेष रूप से भारत-पाकिस्तान सीमा पर हाल के घटनाक्रमों के बीच, नौसेना की ताकत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
इस युद्धपोत की डिलीवरी पहले अगले साल होने वाली थी, लेकिन रूस ने इसे जल्दी सौंपने का फैसला किया है। यह कदम दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करता है। INS तमल के शामिल होने से नौसेना की ब्लू-वॉटर ऑपरेशन क्षमता बढ़ेगी, जिससे भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ कर सकेगा।
दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने इस खबर का स्वागत किया है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। युद्धपोत की तैनाती से न केवल भारत की समुद्री सीमाएं सुरक्षित होंगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भी देश की रक्षा ताकत का प्रदर्शन होगा।