सास-दामाद की अनोखी प्रेम कहानी

khabar pradhan

संवाददाता

18 April 2025

अपडेटेड: 9:46 AM 0thGMT+0530

सास-दामाद की अनोखी प्रेम कहानी

राहुल के पिता बोले- अनीता ने बेटे पर किया जादू, परिवार की इज्जत मिट्टी में मिलाई

राहुल के पिता बोले- अनीता ने बेटे पर किया जादू, परिवार की इज्जत मिट्टी में मिलाई

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक होने वाली सास, अनीता देवी (उर्फ अपना देवी), अपने होने वाले दामाद राहुल के साथ घर छोड़कर फरार हो गई। इस घटना ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे गांव और आसपास के इलाकों में हड़कंप मचा दिया है। राहुल के पिता ने अनीता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने उनके बेटे पर “जादू-टोना” किया और उसे बहकाकर भगा ले गई, जिससे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंचा। यह प्रकरण अब पुलिस जांच, सामाजिक बहस और मीडिया की सुर्खियों का केंद्र बन चुका है।


घटना का विवरण
अनीता देवी (34 वर्ष) और राहुल (24 वर्ष) की यह कहानी तब शुरू हुई, जब राहुल की शादी अनीता की बेटी शिवानी के साथ तय हुई थी। शादी की तैयारियां जोरों पर थीं, कार्ड बंट चुके थे, और रिश्तेदार इकट्ठा होने लगे थे। लेकिन शादी से 9 दिन पहले, 6 अप्रैल 2025 को, अनीता और राहुल अचानक गायब हो गए। अनीता के पति जितेंद्र ने बताया कि दोनों करीब 3.5 लाख रुपये की नकदी और 5 लाख रुपये के गहने साथ ले गए, जो शादी के लिए तैयार किए गए थे।
पुलिस के अनुसार, दोनों की आखिरी लोकेशन उत्तराखंड के रुद्रपुर में मिली थी, जिसके बाद वे बरेली, मुजफ्फरपुर (बिहार), और नेपाल सीमा की ओर गए। 17 अप्रैल को अलीगढ़ पुलिस ने दोनों को नेपाल सीमा के पास पकड़ लिया। वापस लौटने पर अनीता ने चौंकाने वाले खुलासे किए, जिसमें उसने अपने पति जितेंद्र पर मारपीट और अपमान का आरोप लगाया।
अनीता के आरोप
अनीता ने पुलिस को बताया कि जितेंद्र उसे महीने में सिर्फ 1500 रुपये देते थे और हर खर्च का हिसाब मांगते थे। वह शराब पीकर उसे गालियां देते और मारपीट करते थे। अनीता ने कहा, “मैंने सालों तक अपमान और मार सही, लेकिन मेरी सहनशक्ति खत्म हो गई। जितेंद्र मुझे बार-बार राहुल के साथ भागने के लिए उकसाते थे, यह कहकर कि मेरे उससे अनुचित संबंध हैं। आखिरकार, मैंने राहुल के साथ जाने का फैसला किया।” उसने यह भी स्पष्ट किया कि उसने राहुल से शादी नहीं की और न ही गहने या पैसे चुराए; वह केवल 200 रुपये और अपना मोबाइल साथ ले गई थी।
राहुल का पक्ष
राहुल ने पुलिस को बताया कि वह अनीता के साथ इसलिए गया, क्योंकि उसे उससे प्यार हो गया था। उसने यह भी खुलासा किया कि वह पहले एक बार हरदोई की एक महिला के साथ भागा था, लेकिन पंचायत के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझ गया। राहुल ने उन आरोपों को खारिज किया कि वह तीन महिलाओं के साथ भाग चुका है, जैसा कि जितेंद्र ने दावा किया था। उसने कहा, “मैं अनीता के साथ रहना चाहता हूं।”
राहुल के पिता का दावा7
राहुल के पिता ने अनीता पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें कहा गया कि उसने राहुल पर जादू-टोना किया। उन्होंने दावा किया कि अनीता ने राहुल के गले और कमर में ताबीज बांधे थे, जिससे वह उसके “वश” में हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना ने परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को नष्ट कर दिया, और इसलिए वे राहुल को न तो घर में रखेंगे और न ही उसे संपत्ति में कोई हिस्सा देंगे।
जितेंद्र का पक्ष
जितेंद्र ने बताया कि राहुल का रिश्ता उनकी साली के बेटे ने सुझाया था। राहुल और अनीता की बातचीत चार महीने पहले शुरू हुई, जब राहुल ने अपने जीजा योगेश के जरिए अनीता का नंबर लिया। दोनों घंटों तक फोन पर बात करते थे, और धीरे-धीरे उनकी बातचीत 20 घंटे तक पहुंच गई। जितेंद्र ने यह भी बताया कि राहुल ने उनसे नया मोबाइल फोन मांगा था, जिसे अनीता और जितेंद्र ने मिलकर दिलवाया था।
जितेंद्र ने यह भी दावा किया कि राहुल पहले दो अन्य महिलाओं के साथ भाग चुका है, लेकिन उन मामलों को उसके परिवार ने रफा-दफा कर दिया था। हालांकि, राहुल ने इस दावे को आंशिक रूप से खारिज करते हुए कहा कि वह केवल एक बार पहले भागा था।
पुलिस की कार्रवाई
मडराक थाना पुलिस ने इस मामले में अनीता और राहुल के खिलाफ चोरी और अन्य धाराओं में FIR दर्ज की थी। पुलिस ने राहुल के जीजा योगेश को भी हिरासत में लिया, जिस पर दोनों को भागने में मदद करने का शक है। दोनों की तलाश में पुलिस ने उत्तराखंड, गुजरात, और बिहार में छापेमारी की। अंततः, नेपाल सीमा के पास दोनों को पकड़ लिया गया। पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घटना में और कौन शामिल हो सकता है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना ने अलीगढ़ के मनोहरपुर गांव में सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। स्थानीय महिलाएं विशेष रूप से नाराज हैं और इसे गांव की इज्जत पर धब्बा मान रही हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला वायरल हो गया, जहां कुछ लोग इसे “फिल्मी कहानी” बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे सामाजिक मूल्यों के पतन का प्रतीक मान रहे हैं। एक X यूजर ने लिखा, “यह कहानी समाज में बढ़ते नैतिक पतन को दर्शाती है। परिवार और रिश्तों का सम्मान खत्म हो रहा है।”
विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। एक स्थानीय नेता ने कहा, “पुलिस को शुरू से ही इस मामले में सख्ती बरतनी चाहिए थी। यह घटना सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती है।”
विशेषज्ञों की राय
सामाजिक वैज्ञानिकों और मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह मामला जटिल सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को दर्शाता है। एक विशेषज्ञ ने कहा, “पारिवारिक हिंसा और भावनात्मक उपेक्षा लोगों को极端 कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकती है। अनीता का दावा कि उसे सालों तक अपमान सहना पड़ा, इस मामले में एक महत्वपूर्ण कारक हो सकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि समाज में रिश्तों की पारंपरिक परिभाषाएं बदल रही हैं, जिससे इस तरह की असामान्य घटनाएं सामने आ रही हैं।
समुदाय की प्रतिक्रिया
मनोहरपुर गांव के लोग इस घटना से शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं। कई ग्रामीणों ने अनीता और राहुल की हरकत को “नैतिक रूप से गलत” बताया। कुछ लोगों ने मांग की कि दोनों को गांव में वापस न आने दिया जाए। वहीं, अनीता की बेटी शिवानी और परिवार के अन्य सदस्य इस घटना से सदमे में हैं। जितेंद्र ने कहा, “मेरी बेटी की जिंदगी बर्बाद हो गई। हमें समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा।”
इसी तरह के मामले
यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले साल बिहार के बांका में भी एक सास और दामाद की प्रेम कहानी सामने आई थी, जहां ससुर ने दोनों की शादी करा दी थी। हालांकि, अलीगढ़ का यह मामला अपनी जटिलता और सामाजिक प्रभाव के कारण ज्यादा चर्चा में है।
आगे की राह
पुलिस ने अनीता और राहुल को हिरासत में ले लिया है, और उनसे पूछताछ जारी है। अनीता ने स्पष्ट किया कि वह राहुल के साथ रहना चाहती है और अपने पति के पास वापस नहीं जाएगी। वहीं, जितेंद्र ने बच्चों की जिम्मेदारी लेने की बात कही है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई और सामाजिक नतीजे अभी सामने आएंगे। पुलिस का कहना है कि चोरी और अन्य आरोपों की जांच पूरी होने के बाद ही अगले कदम तय किए जाएंगे।
निष्कर्ष
अलीगढ़ की यह सास-दामाद प्रेम कहानी सामाजिक, पारिवारिक, और नैतिक सवालों को जन्म देती है। अनीता के घरेलू हिंसा के दावों, राहुल के अतीत, और परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को हुए नुकसान ने इस मामले को जटिल बना दिया है। यह घटना समाज में बदलते रिश्तों, पारिवारिक हिंसा, और नैतिकता की परिभाषाओं पर गहन चिंतन की मांग करती है। पुलिस जांच और सामाजिक प्रतिक्रियाएं इस कहानी के अगले अध्याय को तय करेंगी।

टिप्पणियां (0)