सचिन का कीर्तिमान अमर

khabar pradhan

संवाददाता

13 May 2025

अपडेटेड: 7:50 AM 0thGMT+0530

सचिन का कीर्तिमान अमर

100 शतकों का रिकॉर्ड अटूट, विराट के संन्यास के बाद भी कोई नहीं पास!

100 शतकों का रिकॉर्ड अटूट, विराट के संन्यास के बाद भी कोई नहीं पास!

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों का रिकॉर्ड आज भी एक ऐसी मिसाल है, जिसके आसपास कोई नहीं ठहरता। विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद यह सवाल और गहरा गया है कि क्या कोई बल्लेबाज कभी इस रिकॉर्ड को छू भी पाएगा? क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस का मानना है कि सचिन का यह कीर्तिमान न केवल अटूट है, बल्कि भविष्य में भी इसके करीब पहुंचना किसी के लिए आसान नहीं होगा। आइए, इस रिकॉर्ड की महानता और इसके पीछे की कहानी को विस्तार से जानते हैं।

सचिन का अनोखा रिकॉर्ड: 100 शतक

सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के शानदार करियर में 200 टेस्ट और 463 वनडे मैचों में कुल 100 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़े। यह उपलब्धि 2012 में हासिल की गई थी, जब उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे में अपना 100वां शतक पूरा किया। इस रिकॉर्ड की खासियत सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि उस दौर की चुनौतियां, दबाव और निरंतरता है, जिसके बीच सचिन ने यह मुकाम हासिल किया।

उनके इस रिकॉर्ड में 51 टेस्ट शतक और 49 वनडे शतक शामिल हैं। सचिन ने अलग-अलग पिचों, गेंदबाजों और परिस्थितियों में यह कमाल दिखाया, जो उन्हें क्रिकेट इतिहास में एकमात्र बनाता है।

विराट कोहली: करीब, फिर भी दूर

विराट कोहली, जिन्हें आधुनिक क्रिकेट का बादशाह कहा जाता है, सचिन के इस रिकॉर्ड के सबसे करीबी दावेदार माने जाते थे। विराट ने अपने करियर में 80 अंतरराष्ट्रीय शतक (29 टेस्ट, 50 वनडे, 1 टी20) बनाए, जो अपने आप में एक अविश्वसनीय उपलब्धि है। लेकिन टेस्ट क्रिकेट से उनके संन्यास के बाद यह साफ हो गया कि वह सचिन के 100 शतकों के रिकॉर्ड को नहीं छू पाएंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि विराट की बल्लेबाजी शैली, फिटनेस और निरंतरता ने उन्हें सचिन के करीब जरूर पहुंचाया, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में कम मैच खेलने और बाद के वर्षों में शतकों की गति धीमी होने ने इस रिकॉर्ड को उनके लिए असंभव बना दिया। फिर भी, विराट का योगदान क्रिकेट की दुनिया में कम नहीं है, और वह सचिन के बाद सबसे बड़े आइकन बने रहेंगे।

क्यों है यह रिकॉर्ड अटूट?

सचिन के 100 शतकों का रिकॉर्ड कई कारणों से अटूट माना जाता है:

लंबा करियर:
सचिन ने 24 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला, जिसमें उन्होंने 664 मैच खेले। आज के दौर में इतने लंबे करियर की कल्पना करना मुश्किल है।

निरंतरता:
सचिन ने हर दशक में शतक बनाए, चाहे वह 1990 का दौर हो या 2000 का। उनकी अनुकूलन क्षमता बेमिसाल थी।

दबाव में प्रदर्शन:
सचिन ने कई बार भारत को मुश्किल स्थिति से निकाला, जैसे शारजाह का ‘डेजर्ट स्टॉर्म’ या चेन्नई टेस्ट में 136 रन की पारी।

आधुनिक क्रिकेट की चुनौतियां:
आज टी20 क्रिकेट का दबदबा है, और टेस्ट व वनडे में शतक बनाने के अवसर कम हो रहे हैं। साथ ही, खिलाड़ी अब लंबे समय तक एक फॉर्मेट में नहीं टिकते।

भविष्य में कोई दावेदार?

वर्तमान और उभरते हुए खिलाड़ियों में कोई भी सचिन के रिकॉर्ड के करीब नहीं दिखता। जो रूट (इंग्लैंड) और बाबर आजम (पाकिस्तान) जैसे बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन उनके आंकड़े अभी 40 शतकों के आसपास भी नहीं पहुंचे। भारतीय बल्लेबाजों में रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल की चर्चा होती है, लेकिन उनके लिए भी 100 शतकों का लक्ष्य बहुत दूर है।

क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि टी20 क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव और खिलाड़ियों के छोटे करियर के कारण भविष्य में इस रिकॉर्ड को तोड़ना लगभग असंभव होगा। एक विशेषज्ञ ने कहा, “सचिन का रिकॉर्ड क्रिकेट का एवरेस्ट है। इसे छूने के लिए न सिर्फ प्रतिभा, बल्कि असाधारण धैर्य और लंबे करियर की जरूरत है।”

फैंस का प्यार: सचिन हैं अनमोल

सचिन के इस रिकॉर्ड की चर्चा होते ही सोशल मीडिया पर फैंस का उत्साह देखते बनता है। एक फैन ने लिखा, “सचिन का रिकॉर्ड सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी की भावनाएं हैं।” वहीं, एक अन्य फैन ने कहा, “विराट ने कमाल किया, लेकिन सचिन का ताज कोई नहीं छीन सकता।” भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए सचिन न सिर्फ एक खिलाड़ी, बल्कि एक प्रेरणा और गर्व का प्रतीक हैं।

क्यों खास है यह रिकॉर्ड?

ऐतिहासिक उपलब्धि:
100 शतक क्रिकेट इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत रिकॉर्ड है।

सचिन की विरासत:
यह रिकॉर्ड सचिन की मेहनत, समर्पण और जुनून का प्रतीक है।

प्रेरणा का स्रोत:
यह युवा खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है।

फैंस का गर्व:
यह हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी के लिए गर्व का विषय है।

सचिन: क्रिकेट के सिरमौर

सचिन तेंदुलकर का यह रिकॉर्ड न केवल उनकी महानता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जुनून और समर्पण का दूसरा नाम है। विराट कोहली ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से दुनिया को मंत्रमुग्ध किया, लेकिन सचिन का 100 शतकों का कीर्तिमान एक ऐसी मंजिल है, जो शायद हमेशा अजेय रहेगी।

तो आइए, इस मौके पर सचिन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को सलाम करें और क्रिकेट के इस भगवान को एक बार फिर याद करें, जिन्होंने भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया। क्या आप भी मानते हैं कि यह रिकॉर्ड हमेशा अटूट रहेगा?

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