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पाकिस्तान के साथ क्रिकेट या हॉकी इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलने से भारत सरकार का रुख: केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का बयान!

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Khabar Pradhan Desk

संवाददाता

15 July 2025, 12:20 PM

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पाकिस्तान के साथ क्रिकेट या हॉकी इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलने से भारत सरकार का रुख: केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का बयान!

15 जुलाई 2025: भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़ते हुए रिश्तों को देखते हुए पाकिस्तान में आयोजित होने वाले एशिया कप 2025 को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

वहीं पाकिस्तान के साथ खेल आयोजनों को लेकर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडवीया ने एक बड़ा बयान दिया है उन्होंने कहा है कि हमें पाकिस्तान के साथ किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में खेलने में कोई आपत्ति नहीं है चाहे वह क्रिकेट हॉकी हो या कोई अन्य खेल हो लेकिन जब बात विपक्षीय खेल आयोजनों की आती है तो भारत सरकार के रुख के बारे में सभी को पता है भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान के साथ कोई विपक्षीय खेल आयोजन में शामिल नहीं होगा ।

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडवीया ने कहा कि पाकिस्तान हॉकी संघ ने भारत में होने वाले दो टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अपनी सरकार से अनुमति मांगी है खेल मंत्री ने कहा कि हम उन्हें एशिया कप और जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट के लिए वीजा देंगे लेकिन अब यह उनकी सरकार पर निर्भर करता है कि वह टीम में भारत में भेजेंगे या नहीं।
आपको बता दें कि एशिया कप 27 अगस्त से 7 सितंबर तक बिहार के राजगढ़ में आयोजित किया जाना है

रिपोर्ट्स के मुताबिक टूर्नामेंट को पहले 8 टीमों के बीच करने की योजना थी लेकिन लॉजिस्टिक्स और शेड्यूल की दिक्कतों के चलते अब केवल 6 टीमों के खेलने की संभावनाएं जताई जा रही है।

बीसीसीआई ने भी सरकार पर छोड़ फैसला:

बीसीसीआई ने भी सरकार पर छोड़ा फैसला
भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक हालात को देखते हुए बीसीसीआई ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी तरह का मैच खेलने से पहले उसे सरकार से परमिशन लेनी होगी ।
एशिया कप 2025 के शेड्यूल को लेकर चर्चाएं तेज हैं और बीसीसीआई की यह प्रतिक्रिया इसी संदर्भ में अभी आई है।

भारत गवर्नेंस विधायक मानसून सत्र में होगा पेश:

खेल मंत्री मनसुख मांडवीया ने कहा कि
21 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है जिसमें नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल ( राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक )पेश होगा।
जिसके तहत एक नियामक बोर्ड बनेगा जिसे राष्ट्रीय खेल महासंघ को मान्यता देने और उसे फंड प्रदान करने का अधिकार होगा ।
इसके अलावा बोर्ड यह भी सुनिश्चित करेगा कि खेल महासंघ प्रशासनिक वित्तीय और नैतिक मानकों का पालन भी करेंगा।

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