STF ने 3200 करोड़ की ठगी के मास्टरमाइंड को नोएडा से पकड़ा, 12 राज्यों तक फैला था नेटवर्क:
संवाददाता
12 February 2026
अपडेटेड: 4:39 PM 0thGMT+0530
फर्जी ऐप के जरिए 8 फीसदी मुनाफा का लालच दिखाकर करते थे ठगी:
फर्जी ऐप के जरिए निवेशकों को 8 फीसदी मुनाफे का लालच देकर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड को एसटीएफ ने नोएडा से गिरफ्तार किया है। पुलिस की टीम ने करीब 6 माह की सर्चिंग के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी पर करीब 3200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
3200 करोड़ में से हजार करोड रुपए का ट्रांजैक्शन रैनेट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने किया l इस कंपनी का डायरेक्टर ऋषिकेश राय है l एसटीएफ सूत्रों के अनुसार मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में ऑनलाइन ठगों के इस गैंग को ऋषिकेश ही ऑपरेट करता है l इसके ऊपर गैंग का सरगना लविश चौधरी है, जो दुबई से ऑपरेट कर रहा है lऋषिकेश पर एसटीएफ में 30 हजार का इनाम रखा था l
इस मामले का खुलासा इंदौर के ईशान सलूजा की शिकायत से हुआ l ईशान बताया ऑनलाइन निवेश के नाम पर उसके साथ 20.18 लाख की ठगी हुई है l एसटीएफ ने जांच शुरू की तो देश भर में ठगी का खुलासा हुआ l
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से फर्जी कंपनियां बनाकर निवेश के नाम पर लोगों से पैसा जमा कर रहा था। वह निवेशकों को कम समय में अधिक लाभ देने का झांसा देता था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से रकम जुटाता था।
इस मामले में एसटीएफ पिछले छह महीनों से लगातार सर्चिंग कर रही थी। आखिरकार आरोपी को नोएडा से पकड़ा गया और उसे अदालत में पेश कर सात दिन की रिमांड पर लिया गया है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने ठगी के लिए एक संगठित नेटवर्क तैयार किया था, जो देश के करीब 12 राज्यों तक फैल चुका था। आरोपी टेलीग्राम ग्रुप और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को जोड़ता था और निवेश के बदले 6 से 8 प्रतिशत तक मुनाफे का भरोसा दिलाता था।
इंदौर में करीब छह महीने पहले दर्ज एक शिकायत की जांच के दौरान इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों की मेहनत की कमाई ठग ली।
पुलिस को करनी पड़ी काफी मशक्कत:
पुलिस ने दिल्ली के पास कई दिनों तक सर्चिंग की फर्जी फॉर्म रहनेट प्राइवेट लिमिटेड के प्रमुख डायरेक्टर ऋषिकेश राय को पकड़ने के लिए एसटीएफ को खास मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस की टीम कई दिनों तक दिल्ली गुड़गांव नोएडा सहित आसपास के सारे इलाकों में सर्चिंग करती रही एसटीएफ ने दोनों फर्म किंन्डेंट बिजनेस सॉल्यूशन और रैनेट प्राली के ठिकानों पर भी छापेमारी की।
किंन्डेंट के डायरेक्टर राहुल यादव और पंकज गुंजन को गिरफ्तार किया पर ऋषिकेश राय फरार हो गया।
ठगी का जाल ऐसा बिछाया:
1..इस गैंग ने फर्जी कंपनी यार्कर एफसी और यार्कर कैपिटल को मोहरा बनाया। लोगों को इस ऐप के जरिए निवेश करने के लिए प्रेरित किया। गैंग के सदस्य लोगों को निवेश पर 6 से 8% फिक्स मुनाफे का अच्छा देते थे।
2..इसके बाद निवेश के तौर पर रुपए गिरोह के फर्जी फर्मों के विभिन्न खातों में भेजे जाते थे इसके बाद दुबई और अन्य देशों में भी रुपए ट्रांसफर कर दिया जाते थे।
3..टेलीग्राम एप पर 12 से ज्यादा ग्रुप बनाए गए लोगों को निवेश करने के लिए ऐप पर लिंक भेजते थे दावा करते थे कि 18 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन और निवेश पर 8% की दर से मुनाफा मिलेगा।
4..निवेशकों के 18 हजार रूपयों को ठग फर्जी ऐप पर निवेश के दो से तीन माह में ही डेढ़ लाख रुपए दिखा देते थे । जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा और रुपए लगातार लोग लगाते गए। बाद में पैसे मांगे गए तो यह ठग फरार हो गए।
एसटीएफ ने आरोपियों की धर पकड़ के लिए लगातार राजस्थान ,दिल्ली, यूपी और कई राज्यों में दबिश दी। जिसमें से 9 से ज्यादा लोगों को पकड़ा। इनमें से तीन कंपनियों के डायरेक्टर समेत कई अन्य लोग भी हैं। इन्हीं में फर्जी कंपनी रैनेट टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर मनोरंजन राय और किंडेन्ट बिजनेस सॉल्यूशन के डायरेक्टर राहुल यादव, पंकज गुंजन की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इस गिरोह का मुख्य सरगना लविश चौधरी अभी भी कानून के शिकंजे से बाहर है । वह दुबई से गिरोह को ऑपरेट कर रहा है । एसटीएफ ने उसके ठगी के सभी प्लेटफार्म बंद कर दिए हैं,किंतु जानकारी मिली है कि उसने एक नया सिस्टम फिर बना लिया है।
फिलहाल एसटीएफ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।