यूट्यूबर जसबीर सिंह की गिरफ्तारी: जासूसी का सनसनीखेज आरोप

khabar pradhan

संवाददाता

5 June 2025

अपडेटेड: 7:23 AM 0thGMT+0530

यूट्यूबर जसबीर सिंह की गिरफ्तारी: जासूसी का सनसनीखेज आरोप

ISI से कनेक्शन ने मचाया तहलका

ISI से कनेक्शन ने मचाया तहलका

पंजाब के रूपनगर जिले से एक चौंकाने वाली खबर ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। लोकप्रिय यूट्यूबर जसबीर सिंह, जिनके यूट्यूब चैनल ‘जान महल’ पर 1.1 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं, को पंजाब पुलिस ने जासूसी के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया है। जसबीर पर आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारत की संवेदनशील जानकारी साझा कर रहे थे। यह मामला तब और सनसनीखेज हो गया, जब पता चला कि जसबीर का कनेक्शन पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी शाकिर उर्फ जट्ट और एक अन्य यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से भी था। सोशल मीडिया पर इस खबर ने तूफान मचा दिया है, और लोग हैरान हैं कि एक लोकप्रिय यूट्यूबर ऐसी गतिविधियों में शामिल कैसे हो सकता है। आइए, इस मामले के हर पहलू को गहराई से समझते हैं।

जसबीर सिंह: देसी यूट्यूबर से जासूसी के आरोपी तक

जसबीर सिंह, जो पंजाब के माहलां गांव के रहने वाले हैं, अपने यूट्यूब चैनल ‘जान महल’ के जरिए घर-घर में मशहूर हो चुके थे। उनके वीडियोज में गांव की सादगी, खेती-बाड़ी और रोजमर्रा की जिंदगी की झलक दिखती थी, जो लाखों लोगों को पसंद थी। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर उनकी भारी फॉलोइंग ने उन्हें एक सोशल मीडिया स्टार बना दिया था। लेकिन उनकी यह चमकदार छवि उस समय धूमिल हो गई, जब पंजाब पुलिस ने उन्हें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का दावा है कि जसबीर सिंह पाकिस्तान की ISI के लिए जासूसी कर रहे थे। वे कथित तौर पर संवेदनशील जानकारी, जैसे सैन्य गतिविधियों और अन्य रणनीतिक जानकारियों को, पाकिस्तानी हैंडलर शाकिर उर्फ जट्ट को भेज रहे थे। यह भी खुलासा हुआ कि जसबीर तीन बार पाकिस्तान जा चुके हैं और वहां ISI के अधिकारियों से उनकी मुलाकातें हुई थीं।

ज्योति मल्होत्रा कनेक्शन: जासूसी का जाल और गहरा

इस मामले में एक और नाम सामने आया है—ज्योति मल्होत्रा, जो एक अन्य यूट्यूबर हैं और पहले से ही जासूसी के आरोप में पकड़ी जा चुकी हैं। पुलिस के मुताबिक, जसबीर और ज्योति दोनों ISI के हैंडलर शाकिर उर्फ जट्ट के संपर्क में थे। यह जासूसी नेटवर्क न केवल भारत की सुरक्षा के लिए खतरा था, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे सोशल मीडिया को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इस कनेक्शन को लेकर सवाल उठाए हैं। एक पोस्ट में लिखा गया, “जसबीर और ज्योति का ISI से लिंक चौंकाने वाला है। ये लोग यूट्यूब पर व्यूज बटोर रहे थे और पीछे से देश के साथ गद्दारी कर रहे थे।” यह खुलासा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाता है।

ऑपरेशन सिंदूर: पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पंजाब पुलिस ने इस मामले को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत अंजाम दिया, जिसका मकसद ISI के जासूसी नेटवर्क को ध्वस्त करना था। पंजाब के डीजीपी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस गिरफ्तारी की जानकारी साझा की और बताया कि जसबीर को मोहाली की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने पकड़ा है। कोर्ट ने जसबीर को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है, ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके।

पुलिस का कहना है कि जसबीर ने पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ कई बार निजी मुलाकातें कीं और संवेदनशील जानकारी साझा की। उनके यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया प्रोफाइल का इस्तेमाल कथित तौर पर इस जासूसी नेटवर्क को छिपाने के लिए किया गया था। एक यूजर ने लिखा, “यह तो हद हो गई! यूट्यूब पर देसी वीडियो बनाकर लोग जासूसी कर रहे हैं। सरकार को सोशल मीडिया पर और सख्ती करनी चाहिए।”

गांव में जसबीर की छवि: अच्छा इंसान या छुपा जासूस?

जसबीर सिंह के गांव माहलां में इस खबर ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जसबीर का व्यवहार गांव में हमेशा अच्छा रहा। वे एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनके वीडियोज में गांव की सादगी और मेहनत की कहानियां दिखती थीं। लेकिन अब उनके ऊपर लगे जासूसी के आरोपों ने गांव वालों को हैरान कर दिया है।

जसबीर के चचेरे भाई ने उनकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा, “ये गलत बात है कि जसबीर पर इस तरह के आरोप लगाए गए हैं।” उन्होंने दावा किया कि जसबीर एक मेहनती और ईमानदार व्यक्ति हैं, और ये आरोप उनकी छवि को खराब करने की साजिश हो सकते हैं। हालांकि, पुलिस के पास पुख्ता सबूत होने का दावा है, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

सोशल मीडिया पर तूफान: समर्थन और आलोचना

जसबीर की गिरफ्तारी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है। कुछ लोग इसे देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे सियासी साजिश करार दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “जसबीर जैसे लोग देश के गद्दार हैं। ISI के लिए जासूसी करके वे अपने ही देश को धोखा दे रहे थे।” वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि बिना ठोस सबूत के किसी की छवि खराब करना ठीक नहीं। एक पोस्ट में लिखा गया, “पुलिस को पहले सबूत दिखाने चाहिए। यूट्यूबर को जासूस बताना आसान है, लेकिन सच क्या है?”
इस मामले ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए हैं। एक यूजर ने लिखा, “आजकल हर कोई यूट्यूबर बन रहा है, लेकिन सरकार को इनके कंटेंट और गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। जसबीर का केस एक चेतावनी है।”

जासूसी का जाल: ISI का नया हथियार?

यह मामला उस बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है, जिसे ISI कथित तौर पर भारत में चला रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ISI अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और आम लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल कर रही है, ताकि संवेदनशील जानकारी हासिल की जा सके। जसबीर और ज्योति मल्होत्रा जैसे लोग इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं, जो अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल जासूसी को छिपाने के लिए करते हैं।

सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ रहे हैं। एक पोस्ट में लिखा गया, “जसबीर का केस दिखाता है कि ISI अब नए तरीकों से भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। हमें सतर्क रहना होगा।”

कानूनी और सियासी नजरिया
जसबीर सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब सवाल उठ रहा है कि इस मामले की जांच कहां तक जाएगी। पुलिस का दावा है कि उनके पास जसबीर के खिलाफ ठोस सबूत हैं, लेकिन उनके चचेरे भाई और कुछ समर्थकों का कहना है कि यह एक साजिश हो सकती है। एक यूजर ने लिखा, “क्या यह सियासी दबाव का नतीजा है? जसबीर को बिना सबूत के जासूस बता देना सही नहीं।”

वहीं, कुछ लोग इसे पंजाब पुलिस और केंद्र सरकार की सख्त नीति का नतीजा मान रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। एक पोस्ट में लिखा गया, “पंजाब पुलिस का यह कदम देश के दुश्मनों को साफ संदेश देता है कि भारत में जासूसी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

जसबीर का भाग्य और देश की सुरक्षा

जसबीर सिंह का यह मामला न केवल उनके व्यक्तिगत करियर, बल्कि सोशल मीडिया की विश्वसनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। अगर जसबीर के खिलाफ आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो यह अन्य इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक चेतावनी होगी। साथ ही, यह सरकार के लिए भी एक चुनौती है कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ाए।

सोशल मीडिया पर लोग यह भी कह रहे हैं कि इस तरह के मामलों से आम लोगों का भरोसा टूट सकता है। एक यूजर ने लिखा, “जसबीर जैसे लोग हमें सिखाते हैं कि सोशल मीडिया पर हर चमकने वाली चीज सोना नहीं होती। हमें सावधान रहना होगा।”

जासूसी, यूट्यूब और देश की सुरक्षा

जसबीर सिंह की गिरफ्तारी ने न केवल उनके फैंस को स्तब्ध किया है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सोशल मीडिया की दुनिया में एक नई बहस छेड़ दी है। क्या जसबीर वाकई ISI के लिए जासूसी कर रहे थे, या यह एक सियासी साजिश का हिस्सा है? यह सवाल जांच के बाद ही साफ होगा। लेकिन एक बात तो तय है—यह मामला देश को सतर्क रहने का संदेश देता है। आइए, देखते हैं कि यह सनसनीखेज कहानी अब क्या नया मोड़ लेती है।

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