चंबल की वीर धरती:सदियों से दुश्मनों का काल, CM मोहन यादव का गर्व भरा बयान

khabar pradhan

संवाददाता

24 May 2025

अपडेटेड: 7:48 AM 0thGMT+0530

चंबल की वीर धरती:सदियों से दुश्मनों का काल, CM मोहन यादव का गर्व भरा बयान

The heroic land of Chambal: For centuries,

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चंबल की माटी को सलाम करते हुए कहा कि इस वीर भूमि ने सदियों से दुश्मनों का सफाया किया है। चंबल, जो कभी डकैतों और अपराध की कहानियों के लिए चर्चा में रही, आज अपनी ऐतिहासिक शौर्य गाथाओं और सांस्कृतिक धरोहर के लिए गर्व का प्रतीक बन रही है। सीएम यादव के इस बयान ने न केवल चंबलवासियों का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि इस क्षेत्र की समृद्ध विरासत को भी राष्ट्रीय मंच पर उजागर किया है। आइए, इस बयान के पीछे की कहानी और चंबल की वीरता को करीब से जानें।

चंबल: शौर्य और बलिदान की माटी

चंबल की धरती का इतिहास वीरता और साहस की गाथाओं से भरा पड़ा है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच बसी यह भूमि न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है, बल्कि युद्ध और संघर्ष में अपनी ताकत दिखाने के लिए भी मशहूर है। सीएम मोहन यादव ने एक हालिया कार्यक्रम में कहा, “चंबल की धरती ने हमेशा दुश्मनों को धूल चटाई है। चाहे वह ऐतिहासिक युद्ध हों या आधुनिक चुनौतियां, इस माटी के जवान और किसान कभी पीछे नहीं हटे।” यह बयान चंबल के गौरवशाली अतीत को याद दिलाता है, जब इस क्षेत्र के योद्धाओं ने विदेशी आक्रांताओं और आंतरिक शत्रुओं को बार-बार परास्त किया।

ऐतिहासिक गौरव: चंबल की वीर गाथाएं

चंबल का इतिहास मौर्य, गुप्त, और राजपूत काल से लेकर मराठा और बुंदेला शासकों तक फैला हुआ है। इस क्षेत्र ने कई ऐतिहासिक युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चाहे वह मध्यकाल में राजपूतों की वीरता हो या स्वतंत्रता संग्राम में चंबलवासियों का योगदान, इस धरती ने हमेशा देश की रक्षा में अहम किरदार निभाया है। सीएम यादव ने अपने बयान में चंबल के स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद किया, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में अपने प्राण न्योछावर किए।

आज का चंबल: विकास की नई राह

सीएम मोहन यादव ने यह भी जोर दिया कि चंबल अब केवल अपनी ऐतिहासिक वीरता के लिए ही नहीं, बल्कि विकास और प्रगति के लिए भी जाना जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार चंबल क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है। ग्वालियर-चंबल अंचल में सड़क, रेल, और सिंचाई परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चंबल की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। सीएम का कहना है कि यह क्षेत्र अब अपराध की पुरानी छवि को पीछे छोड़कर एक नए युग की ओर बढ़ रहा है।

सोशल मीडिया पर गूंजा चंबल का गौरव

सीएम के इस बयान ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी हैं। एक यूजर ने लिखा, “चंबल की माटी का हर कण वीरता की कहानी कहता है। सीएम साहब ने इसे सही मायनों में सम्मान दिया।” वहीं, कुछ लोगों ने चंबल के विकास पर जोर देते हुए कहा कि इस क्षेत्र को और अधिक अवसरों की जरूरत है। इस बयान ने चंबलवासियों में गर्व की भावना जगा दी है और युवाओं को अपनी धरोहर से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

चंबल का भविष्य: वीरता और विकास का संगम

मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह बयान न केवल चंबल की ऐतिहासिक विरासत को उजागर करता है, बल्कि भविष्य के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करता है। चंबल की धरती, जो कभी युद्ध के मैदानों में दुश्मनों का काल रही, अब विकास के नए मैदान में अपनी ताकत दिखाने को तैयार है। सरकार की योजनाएं और स्थानीय लोगों का उत्साह इस क्षेत्र को एक नई पहचान दे रहे हैं।

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