जावेद अख्तर की जिंदगी का अनकहा सच

khabar pradhan

संवाददाता

11 May 2025

अपडेटेड: 10:07 AM 0thGMT+0530

जावेद अख्तर की जिंदगी का अनकहा सच

जावेद अख्तर की जिंदगी का अनकहा सच

18 बीयर की लत से टूटी पहली शादी, बोले- ‘शराब ने बर्बाद किया कीमती वक्त’

मशहूर गीतकार, पटकथा लेखक और कवि जावेद अख्तर ने हाल ही में अपनी जिंदगी के उस अंधेरे दौर का जिक्र किया, जब वह शराब की लत में डूब गए थे। एक समय था जब वह एक ही बार में 18 बोतल बीयर पी जाया करते थे, और व्हिस्की-रम में दिन-रात डूबे रहते थे। इस लत ने न केवल उनकी सेहत और करियर को नुकसान पहुंचाया, बल्कि उनकी पहली शादी को भी तोड़ दिया। लेकिन, जावेद ने इस दलदल से निकलकर नई शुरुआत की और आज वह लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं। आइए, उनकी इस दिलचस्प और प्रेरक कहानी को विस्तार से जानते हैं।

शराब की लत: एक खतरनाक शुरुआत

जावेद अख्तर ने 19 साल की उम्र में शराब पीना शुरू किया था। शुरुआत में यह एक सामाजिक आदत थी, लेकिन जल्द ही यह उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गई। एक चैट शो में उन्होंने खुलासा किया कि वह एक बार में 18 बोतल बीयर और अनगिनत पैग व्हिस्की या रम पी जाते थे। वह कहते हैं, “मैं दिन-रात शराब में डूबा रहता था। मुझे लगता था कि यह मेरी रचनात्मकता को बढ़ाता है, लेकिन सच यह था कि मैं अपनी जिंदगी को बर्बाद कर रहा था।”

जावेद ने बताया कि शराब की वजह से उनका पेट फूल गया और उनकी आंखों की रोशनी भी प्रभावित होने लगी। लेकिन सबसे बड़ा नुकसान उनकी निजी जिंदगी को हुआ। उनकी पहली पत्नी, मशहूर अभिनेत्री और लेखिका हनी ईरानी के साथ उनका रिश्ता इस लत की भेंट चढ़ गया। जावेद ने स्वीकार किया, “मेरी शराब की आदत ने मेरी शादी को तोड़ दिया। मैंने हनी और अपने बच्चों के साथ बहुत गलत किया।”

पहली शादी का टूटना

जावेद और हनी ईरानी की शादी 1972 में हुई थी। उनके दो बच्चे, जोया अख्तर और फरहान अख्तर, आज बॉलीवुड में बड़े नाम हैं। लेकिन उस समय जावेद की शराब की लत ने उनके परिवार को बिखेर दिया। हनी ने कई बार उन्हें इस आदत को छोड़ने के लिए मनाया, लेकिन जावेद उस समय अपनी लत से बाहर निकलने को तैयार नहीं थे। आखिरकार, 1984 में दोनों का तलाक हो गया। जावेद ने कहा, “मैंने अपनी शादी और अपने बच्चों के साथ बिताने वाला कीमती वक्त खो दिया। यह मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी।”

शराब छोड़ने का फैसला

जावेद अख्तर की जिंदगी में टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्होंने 31 जुलाई 1991 को शराब को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। उन्होंने बताया कि यह फैसला अचानक लिया गया था। एक रात, जब वह शराब के नशे में थे, उन्हें एहसास हुआ कि वह अपनी जिंदगी को और बर्बाद नहीं कर सकते। जावेद ने कहा, “मैंने उस रात फैसला किया कि अब बस, बहुत हो गया। अगले दिन से मैंने एक बूंद भी शराब नहीं पी।”

यह आसान नहीं था। जावेद को कई बार ललचाहट का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी इच्छाशक्ति ने उन्हें हर बार जीत दिलाई। उन्होंने अपने दोस्तों और परिवार, खासकर अपनी दूसरी पत्नी शबाना आजमी, को इस बदलाव का श्रेय दिया। शबाना ने उन्हें हर कदम पर सपोर्ट किया और उनकी जिंदगी में नई रोशनी लाई।

सोशल मीडिया पर चर्चा

जावेद अख्तर के इस खुलासे ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। उनके प्रशंसकों ने उनकी ईमानदारी और हिम्मत की तारीफ की है। एक यूजर ने लिखा, “जावेद साहब, आपकी कहानी प्रेरणा देती है। शराब जैसी लत को छोड़ना आसान नहीं, लेकिन आपने यह कर दिखाया।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “आपने अपनी गलतियों को स्वीकारा और उनसे सीखा। यही असली मर्दानगी है।”

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