ऑपरेशन सिंदूर की जीत और कर्नल सोफिया कुरैशी की वीरता

khabar pradhan

संवाददाता

11 May 2025

अपडेटेड: 10:22 AM 0thGMT+0530

ऑपरेशन सिंदूर की जीत और कर्नल सोफिया कुरैशी की वीरता

ऑपरेशन सिंदूर की जीत और कर्नल सोफिया कुरैशी की वीरता

अनिरुद्धाचार्य महाराज ने की दिल खोलकर तारीफ

भारत की सैन्य शक्ति और नारी साहस का प्रतीक बन चुका ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आज हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। इस ऑपरेशन की अभूतपूर्व सफलता और इसमें कर्नल सोफिया कुरैशी की महत्वपूर्ण भूमिका ने देशवासियों का दिल जीत लिया है। मध्य प्रदेश के जबलपुर में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कर्नल सोफिया की बहादुरी और भारतीय सेना की इस उपलब्धि की जमकर सराहना की। इस खबर के जरिए हम आपको इस ऑपरेशन की पूरी कहानी और कर्नल सोफिया के प्रेरणादायक योगदान से रूबरू कराते हैं।

आतंकवाद पर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक

‘ऑपरेशन सिंदूर’ 7 मई 2025 को शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का बदला लेना था। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया। भारतीय वायुसेना, थल सेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। इस ऑपरेशन में ब्रह्मोस, हैमर और स्कैल्प मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ, जिसने भारत की सैन्य ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया। यह ऑपरेशन न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है, बल्कि देश की एकता और संकल्प को भी रेखांकित करता है।

कर्नल सोफिया कुरैशी: साहस और समर्पण की प्रतीक

ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने अपनी प्रोफेशनलिज्म और आत्मविश्वास से सभी का ध्यान खींचा। कर्नल सोफिया, जो कोर ऑफ सिग्नल्स की अधिकारी हैं, ने ऑपरेशन की रणनीति और सफलता को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। गुजरात के वडोदरा की रहने वाली सोफिया का जन्म मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव में हुआ था। उन्होंने 2016 में ASEAN प्लस फोर्स 18 सैन्य अभ्यास में भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व कर इतिहास रचा था। वह पहली महिला कमांडर थीं, जिन्हें इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई।

सोफिया की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी प्रेरणादायक है। उनके चचेरे भाई मोहम्मद रिजवान ने बताया कि सोफिया बचपन से ही पढ़ाई और नेतृत्व में अव्वल थीं। ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग में उनकी गंभीरता और आत्मविश्वास को देखकर परिवार और पूरे नौगांव में गर्व की लहर दौड़ गई।

अनिरुद्धाचार्य महाराज का संदेश: सेना और बेटियों पर गर्व

जबलपुर में एक भव्य सत्संग के दौरान अनिरुद्धाचार्य महाराज ने ऑपरेशन सिंदूर और कर्नल सोफिया कुरैशी की बहादुरी पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, “भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद को करारा जवाब दिया है। कर्नल सोफिया कुरैशी ने साबित कर दिया कि भारत की बेटियां किसी भी चुनौती से कम नहीं। उनकी वीरता और सेना की एकता हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।”
महाराज ने ऑपरेशन को पहलगाम हमले में शहीद हुए लोगों और उनकी विधवाओं को श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे कर्नल सोफिया जैसे सैन्य अधिकारियों से प्रेरणा लेकर देश सेवा में योगदान दें। उन्होंने इसे “नारी शक्ति और सैन्य शौर्य का अनूठा संगम” करार दिया।

मध्य प्रदेश का गर्व: सोफिया की जड़ें और उत्साह

कर्नल सोफिया का मध्य प्रदेश से गहरा नाता है। नौगांव के रंगरेज मोहल्ले में उनका पैतृक परिवार रहता है, जहां ऑपरेशन की सफलता के बाद जश्न का माहौल है। सोफिया की भाभी उजमा ने बताया कि ब्रीफिंग के बाद सोफिया ने परिवार से फोन पर बात की और ऑपरेशन की सफलता का श्रेय अपनी टीम को दिया। जबलपुर में भी स्थानीय लोग सोफिया को अपनी बेटी मानकर गर्व महसूस कर रहे हैं। एक निवासी ने कहा, “सोफिया ने मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया। उनकी बहादुरी हमारी बेटियों के लिए मिसाल है।”

सोशल मीडिया पर उमड़ा प्यार:

ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस ब्रीफिंग के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह सोशल मीडिया पर छा गईं। “कर्नल सोफिया ने आतंकियों को जवाब देने का सलीका सिखाया। वह भारत की सच्ची शेरनी हैं।” लोगों ने उनकी ब्रीफिंग में दिखाए गए आत्मविश्वास और स्पष्टता की तारीफ की। सोफिया की तस्वीरें और ब्रीफिंग के वीडियो को हजारों बार शेयर किया गया।

सिंदूर का प्रतीक: नारी शक्ति और देशभक्ति

ऑपरेशन का नाम ‘सिंदूर’ पहलगाम हमले में शहीद हुए लोगों की विधवाओं को सम्मान देने के लिए चुना गया। सिंदूर, जो भारतीय संस्कृति में सुहाग और शक्ति का प्रतीक है, इस ऑपरेशन का आधार बना। कर्नल सोफिया और व्योमिका सिंह को ब्रीफिंग के लिए चुनना इस प्रतीक को और सशक्त बनाता है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर भारत की संप्रभुता और आतंकवाद के खिलाफ हमारी एकजुटता का संदेश है।”

भविष्य की राह

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और कर्नल सोफिया कुरैशी की वीरता ने न केवल भारत की सैन्य ताकत को साबित किया, बल्कि युवाओं, खासकर महिलाओं, के लिए एक नया आदर्श स्थापित किया। अनिरुद्धाचार्य महाराज ने अपने संदेश में कहा, “हमारी सेना और बेटियां देश का गौरव हैं। हमें एकजुट होकर भारत की सुरक्षा और सम्मान के लिए काम करना होगा।”

सीमा पर तनाव के बावजूद भारतीय सेना पूरी तरह तैयार है। देशवासियों से सतर्क रहने और एकता बनाए रखने की अपील की गई है। कर्नल सोफिया की कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो अपने देश के लिए कुछ करना चाहता है।

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