ये होंगे भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष ! इस दिन लगेगी मुहर

khabar pradhan

संवाददाता

12 June 2025

अपडेटेड: 7:09 AM 0thGMT+0530

ये होंगे भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष ! इस दिन लगेगी मुहर

ये होंगे भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष! इस दिन लगेगी मुहर

10 राज्यों में भी बदला जाएगा भाजपा का संगठन, बदलाव की तैयारी तेज

भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है. सूत्रों के अनुसार 21 जुलाई 2025 तक पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है. इसके साथ ही 10 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी अगले सप्ताह से तेज होगी. यह संगठनात्मक बदलाव पार्टी की रणनीति और भविष्य की योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. जून के तीसरे सप्ताह से संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है. राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए कई वरिष्ठ नेताओं के नामों पर चर्चा चल रही है. इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जैसे नाम शामिल हैं. हालांकि अभी तक किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनी है. पार्टी नेतृत्व इस बात पर जोर दे रहा है कि नया अध्यक्ष संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित कर सके. राष्ट्रीय कार्यकारिणी और शीर्ष नेतृत्व इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सक्रिय हो गया है. इसके अलावा 10 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की योजना भी बन रही है. इन राज्यों में संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने के लिए नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है. पार्टी का लक्ष्य आगामी विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले संगठन को और अधिक गतिशील बनाना है. इसके लिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और क्षेत्रीय मुद्दों पर फोकस बढ़ाया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक इन नियुक्तियों में युवा नेतृत्व और अनुभवी नेताओं का संतुलन बनाए रखने की कोशिश होगी. यह संगठनात्मक बदलाव 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नए नेतृत्व के साथ संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी. साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर चुनौतियों से निपटने और जनता के बीच पार्टी की पहुंच को बढ़ाने में मदद मिलेगी. राष्ट्रीय परिषद की अंतिम मुहर के बाद नए अध्यक्ष का औपचारिक ऐलान किया जाएगा. इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और सर्वसम्मति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

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