आज होगी विदाई मुख्य न्यायाधीश CJI संजीव खन्ना की
संवाददाता
13 May 2025
अपडेटेड: 8:51 AM 0thGMT+0530
आज होगी विदाई मुख्य न्यायाधीश-- CJI संजीव खन्ना की:
कल पदभार संभालेंगे जस्टिस बी आर गवई
देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआइ) संजीव खन्ना अपने छह माह का कार्यकाल पूरा कर मंगलवार को सेवानिवृत्त होंगे। उनके स्थान पर जस्टिस बीआर गवई बुधवार को नए CJI पद की शपथ लेंगे।
अपने छह माह के कार्यकाल में सीजेआइ संजीव खन्ना सुप्रीम कोर्ट में पारदर्शिता लाने और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अडिग रहने वाले न्यायपालिका के मुखिया के रूप में जाने जाएंगे। उनके कार्यकाल में हाईकोर्ट के एक जज के घर में लगी आग के दौरान नकदी मिलने पर सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार घटना से संबंधित फोटो-वीडियो और दस्तावेज वेबसाइट पर सार्वजनिक किए गए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के जजों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक करने का निर्णय किया गया। खुद सीजेआइ खन्ना सहित 21 जजों की संपत्ति सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर सार्वजनिक भी कर दी गई। इसके अलावा हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्तियों की प्रक्रिया और पिछले सालों में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति की सिफारिश की सूची पर वेबसाइट पर सार्वजनिक की गई। वक्फ कानून पर उनकी बेंच के आदेश के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की लेकिन उन्होंने अवमानना कार्रवाई के बजाए उन्हें फटकार लगाई।
CJI खन्ना के महत्वपूर्ण आदेश:
(1) धर्मनिरपेक्षता संविधान की प्रस्तावना का अंतर्निहित और मूल ढांचे का हिस्सा है। समाजवादी शब्द से तात्पर्य लोक कल्यणकारी राज्य।
(2) उत्तर प्रदेश में मस्जिदों के नीचे मंदिरों के अवशेष निकलने के मामलों में सर्वेक्षणों पर रोक लगाई, निचली अदालतों से ऐसे आदेश जारी करने पर रोक।
3) वक्फ संशोधन कानून की प्रारंभिक सुनवाई में ही अंतरिम आदेश के बजाय वक्फ बाय यूजर, अदालती आदेशों से वक्फ घोषित संपत्ति का रूप नहीं बदलने और कानून पर आगे नहीं बढ़ने का सरकार का आश्वासन दर्ज किया।
कितने जजों की नियुक्ति की सिफारिशः
कॉलेजियम ने 103 प्रस्तावों पर विचार, 51 जजों की नियुक्ति की सिफारिश। सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की नियुक्ति।
दो न्यायिक विवाद भी
CJI खन्ना के कार्यकाल में दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी निवास पर आग के बाद नकदी मिली। इस मामले में CJI ने तय प्रक्रिया के अनुसार आंतरिक जांच करवा कर केंद्र सरकार को आगे की कार्रवाई के लिए अपनी सिफारिश भेजी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस शेखर यादव की सांप्रदायिक टिप्पणी पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया।
जस्टिस गवई रहेंगे करीब 6 माह CJI
नये CJI बनने वाले जस्टिस बी.आर. गवई का कार्यकाल करीब छह माह (23 नवंबर 2025 तक) होगा। जस्टिस गवई देश के दूसरे दलित CJI होंगे। उनसे पहले जस्टिस के.जी. बालाकृष्णन पहले दलित CJI थे।