सुप्रीम कोर्ट ने उदयपुर फाइल्स फिल्म पर जारी रखी रोक!

khabar pradhan

संवाददाता

17 July 2025

अपडेटेड: 2:01 PM 0thGMT+0530

सुप्रीम कोर्ट ने उदयपुर फाइल्स फिल्म पर जारी रखी रोक!

17 जुलाई 2025 : उदयपुर का कन्हैया लाल हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है ।कन्हैयालाल हत्याकांड पर एक बॉलीवुड फिल्म बनी है उदयपुर फाइल्स।
इस फिल्म की रिलीज को दिल्ली के हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है। और अब इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर अपनी सहमति दे दी है। दरअसल फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही इस पर विवाद शुरू हो गया।

फिल्म के निर्माता अमित जानी का कहना है यह फिल्म किसी धर्म के खिलाफ नहीं है बल्कि यह एक सच्ची घटना पर आधारित है इस फिल्म में किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाया गया है उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित यह फिल्म है अमित जानी ने यह भी बताया कि इस फिल्म की रिलीज के बाद इस फिल्म की कमाई का सारा हिस्सा कन्हैया लाल के परिवार को देने का निर्णय लिया गया है।

जमीयत उलेमा हिंद ने फिल्म पर रोक लगाने हेतु याचिका की दायर:
इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका जिस पर जमीयत उलेमा हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कोर्ट में एक याचिका लगाकर इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की।
कन्हैयालाल हत्याकांड पर बनी फिल्म उदयपुर फाइल्स की रिलीज को दिल्ली हाई कोर्ट ने अरशद मदनी सहित तीन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इसके रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर अपनी सहमति दी है और इस मामले पर अगली सुनवाई 21 जुलाई तक टाल दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल का बयान:
वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि यह फिल्म समुदाय विरोधी है। इस फिल्म में नफरत फैलाना ,हिंसा को बढ़ाना देना ,समलैंगिकता और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार दिखाने पर आपत्ति जताई है।
कपिल सिब्बल ने यह भी कहा कि मैंने यह फिल्म देखी और मैं पूरी तरह से हिल गया ।यदि जज भी इसे देखेंगे तो उन्हें पता चलेगा कि यह नफरत का विषय है और हिंसा को जन्म देता है ।और लोकतांत्रिक देश में ऐसी फिल्म दिखाना ठीक नहीं है।देश में किसी तरह के एजेंडा पर आधारित फिल्म को अनुमति नहीं मिलना चाहिए।

जमीयत उलेमा हिंद का आरोप:

जमीयत उलेमा हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने अपनी याचिका में कहा सेंसर बोर्ड ने 55 सीन हटाए हैं किंतु फिल्म में हिंसा भरी हुई है ।ऐसी फिल्म से देश में माहौल खराब हो सकता है और हिंसा फैल सकती है।

कन्हैया लाल के बेटे का दर्द:

उदयपुर फाइल्स फिल्म की रोक पर कन्हैयालाल के बेटे यश साहू ने कहा कि दिनदहाड़े मेरे पिता का गला काट दिया गया और अब सच्चाई दिखाने से सामाजिक सद्भाव कैसे बिगड़ सकता है। यश का कहना है कि वह तीन साल से न्याय का इंतजार कर रहे हैं। अब एक फिल्म बनी है उस पर भी रोक लगाई जा रही है। कन्हैया लाल के बड़े बेटे यश साहू ने कोर्ट से पिता के हत्यारे को फांसी तक पहुंचाने की मांग की है। उन्होंने कहा हत्यारों के खिलाफ पूरे सबूत हैं , सारे वीडियो मौजूद हैं ,इसके बावजूद हत्यारों को सजा नहीं मिल पाई है । वह अभी तक न्याय का इंतजार कर रहे हैं।

कन्हैया लाल की पत्नी का दर्द:

कन्हैयालाल हत्याकांड में कन्हैया लाल की पत्नी का दर्द सामने आया है। उन्होंने उदयपुर फाइल्स फिल्म पर रोक लगाने को गलत बताया है। और प्रधानमंत्री से मिलने की इच्छा जताई है। कन्हैया लाल की पत्नी जसोदा ने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है ,जिसमें इस केस में हो रही देरी को लेकर न्याय की मांग की है।
उन्होंने कहा उनका परिवार इस फिल्म की रोक से निराशा में है और फिल्म पर रोक गलत है क्योंकि यह आतंकवाद से जुड़ी हुई सच्चाई को सामने लाने का एक प्रयास है।

कन्हैया लाल के छोटे बेटे तरुण का कहना है कि यह फिल्म किसी धर्म के खिलाफ नहीं है । यह उन कट्टरपंथी लोगों के मंसूबे को उजागर करती है। फिल्म का मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है ,बल्कि सच्चाई लाना है।

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