उत्तर प्रदेश की फायर ब्रिगेड अब हो गयी हाईटेक
संवाददाता
10 April 2025
अपडेटेड: 7:00 AM 0thGMT+0530
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लखनऊ, नोएडा और कानपुर में दो विशेष वाहनों का ट्रायल चल रहा है। वही अगर ये ट्रायल सफल होते हैं, तो इन वाहनों को हर जिले में इस्तेमाल करने की योजना है। साथ ही नोएडा में ये वाहन पहले ही प्रभावी साबित हो चुके हैं। आगे चलकर, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के लिए भी ऐसे वाहन डिज़ाइन करने की तैयारी है।
अब किसी आपदा के दौरान मलबे में फंसे लोगों को उनकी दिल की धड़कन से ही तलाशा जा सकेगा। वही अब विक्टिम लोकेटेड कैमरा धुएं के बीच 3.5 मीटर गहराई तक जाकर फंसे लोगों की लोकेशन भी बता देगा। वही इसी तरह किसी गाड़ी या सामान पर ब्लैंकेट फेंककर एक बार में पूरी आग बुझाई जा सकेगी। साथ ही ऐसी तमाम खूबियों वाले मल्टी डिजास्टर रेस्पॉन्स वीइकल और आर्टिकुलेटिंग वाटर टॉवर महाकुंभ में लगाए गए थे। महाकुंभ के बाद इन्हें फायर ब्रिगेड के बेड़े में शामिल भी किया गया है।
गर्मी बढ़ने के साथ जिले में आग की घटनाओ की खबरे भी बढ़ रही हैं। साथ ही खेतों में गेहूं की फसल आग की चपेट में आ रही है तो से घरों-दफ्तरों में आग लगने के मामले सामने आ रहे हैं। साथ ही ऐसी घटनाओं में जानमाल का नुकसान रोकने के लिए फायर सेफ्टी विभाग ने अपने बेड़े में एमडीआरवी और एडब्ल्यूटी को शामिल किया गया है। सीएफओ मंगेश कुमार ने कहा कि लखनऊ के अलावा कानपुर और नोएडा की फायर ब्रिगेड को भी एमडीआरवी दिए गए हैं।
लखनऊ, नोएडा और कानपुर में दोनों वाहन ट्रायल के तौर पर इस्तेमाल होंगे। रेस्पॉन्स अच्छा रहा तो हर जिले के लिए इनकी खरीद होगी। सीएफओ ने बताया कि नोएडा में दोनों वाहन काफी काम आए हैं। जिलों में सफलता के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के लिए भी ऐसे वाहन डिजाइन करवाने की तैयारी है।