VIT यूनिवर्सिटी में छात्रों का विद्रोह: दूषित पानी और खराब खाना मिलने से छात्रों का हंगामा:

khabar pradhan

संवाददाता

27 November 2025

अपडेटेड: 4:30 PM 0thGMT+0530

VIT यूनिवर्सिटी में छात्रों का विद्रोह: दूषित पानी और खराब खाना मिलने से छात्रों का हंगामा:

मध्य प्रदेश के भोपाल के सीहोर में स्थित VIT यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छात्रों का विद्रोह,तोड़फोड़ और हंगामें में बदल गया।

छात्रों का विद्रोह क्यों बदला हंगामे में:

VIT यूनिवर्सिटी में छात्रों के हॉस्टल में करीब डेढ़ महीने से दूषित पानी खराब खाना मिलना और कई छात्रों के पीलिया से बीमार होना, प्रबंधन की अनदेखी के बाद मंगलवार बुधवार के रात छात्रों का गुस्सा विद्रोह में बदल गया।

छात्रों की मांग थी कि उन्हें शुद्ध पेयजल और स्वच्छ और अच्छा भोजन मिले। मामला तब और भड़क गया जब तीन छात्रों में सूजन और पीलिया के लक्षण दिखे और उन्हें भोपाल अस्पताल ले जाया गया । जैसे ही यह खबर अन्य लोगों तक पहुंची तो कुछ छात्र हॉस्टल के वार्डन प्रशांत पांडे के पास शिकायतों को लेकर पहुंचे।

किंतु यह आरोप लगाया गया कि वार्डन ने शिकायत नहीं सुना और छात्रों को पीटा गया।

ऐसी स्थितियां निर्मित होने पर कॉलेज के करीब 4000 छात्र हॉस्टल से बाहर निकले और हंगामा शुरू कर दिया।  छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की । एक बस दो कार और एंबुलेंस को आग के हवाले कर दिया।  दो बसों को और हाॅस्टल के ब्लॉक -1 में तोड़फोड़ की। खिड़कियों के कांच तोड़ दिए, लिफ्ट, रेलिंग, शटर ,कुर्सियां ,डस्टबिन, टेबल, कुर्सियां सब तोड़ दी। छात्रों ने यह आरोप लगाया कि दूषित भोजन और दूषित पानी से कैंपस में पीलिया फैल रहा है और कुछ महीनो में 300 से अधिक छात्र पीलिया के शिकार भी हो चुके हैं । स्वास्थ्य विभाग की टीम छात्रों का सैंपल ले रही है।  जिसमें से 30 से 35 छात्र छात्रों के बीमार होने की खबर सामने आई है।

अभी कुछ ही समय पहले एक छात्र नेहा की मौत की खबर सामने आई थी।  जिससे कई छात्र आक्रोशित हो गए और सभी छात्रों ने हॉस्टल और केंपस की व्यवस्था पर सवाल उठाए।  और प्रबंधन से बात करने की कोशिश की।  छात्रों ने यह आरोप लगाया कि प्रबंधन ने उनकी बातें नहीं सुनी इसके विपरीत गार्ड और वार्डन ने छात्रों से मारपीट की जिसके कारण छात्रों में गुस्सा भड़क गया।

इस हंगामा के बाद VIT कॉलेज के प्रबंधन ने सभी छात्रों को अचानक एक मेल भेजा । जिसमें लिखा गया कि कैंपस तुरंत खाली कर दें और कॉलेज 30 नवंबर तक बंद रहेगा।  कुछ देर बाद एक और मेल भेजा गया कि छुट्टी 8 दिसंबर तक दी गई है । ऐसा मेल मिलते ही हॉस्टलों में हलचल मच गई और कुछ ही मिनटों में माहौल डर और अव्यवस्था से भर गया । VIT कॉलेज के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और अन्य कई संकायों के 16000 से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं।  इनमें से 13000  छात्र 8 हॉस्टलों में रहते हैं । जिसमें से 2 हजार छात्राएं है। मेल के मिलते ही सभी छात्रों का पलायन शुरू हो गया । किंतु हाईवे तक जाने के लिए किसी को भी वाहन नहीं मिला।  सभी छात्र अपना बैग पीठ पर लाद कर 1 किलोमीटर तक पैदल हाईवे तक पहुंचे।  भोपाल इंदौर जाने वाली बस और टैक्सियों ने छात्रों को जमकर लूटा।

पुलिस की तैनाती:

इस घटनाक्रम के बाद कॉलेज का प्रशासन हरकत में आया और रात में ही पांच थानों से पुलिस बल तैनात कर दिए गए पूरे कैंपस में पैरामीट्री फोर्स तैनात कर दी गई कॉलेज के प्रबंधन ने 5 दिसंबर तक अवकाश घोषित कर दिया रात के हंगामा के समय 4000 छात्र कैंपस में मौजूद थे इसे देखते हुए 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए पुलिस ने हॉस्टल के वार्डन प्रशांत कुमार और अन्य पर एफआईआर दर्ज किया है।

कॉलेज के रजिस्टर के के नायर के अनुसार यूनिवर्सिटी में पीलिया से एक भी मौत नहीं हुई है कुछ छात्रों में पीलिया की पुष्टि जरूर हुई है । किंतु उचित समय पर चिकित्सीय देखभाल उपलब्ध कराई गई है । कोई भी स्थितियां चिंताजनक नहीं थी । पानी और खाने की कई बार जांच कराई गई है और वह सुरक्षित पाई गई है।

1 साल पहले भी हुआ था हंगामा:

 1 साल पहले 25 मई 2024 को भी छात्रों द्वारा VIT कॉलेज में हंगामा किया गया था और यह हंगामा पीने के पानी की मांग को लेकर और अच्छा गुणवत्ता पूर्ण खाने को लेकर किया गया था। कॉलेज परिसर में छात्रों ने नारेबाजी की थी और कई छात्र बीमार भी पड़े थे।

 वीआईपी के प्रोफेसर का शव मिला:

इस घटनाक्रम के साथ ही सीहोर के चाणक्यपुरी क्षेत्र में वित कॉलेज में ही इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रोफेसर संग्राम केसरी दास का शव उनके किराए के घर में मिला।

उनकी उम्र 50 वर्ष के आसपास की है पुलिस ने बताया कि उनके पड़ोसी उन्हें जिला अस्पताल छोड़कर गए थे यहां वे अमृत अवस्था में मिले उनकी मौत की किस अवस्था में हुई अभी पता नहीं चल सका है।

यह प्रोफेसर संग्राम केसरीदास उड़ीसा के थे और लंबे समय से बीमार भी थे।  मई में वे खराब स्वास्थ्य की वजह से मेडिकल लीव पर भी गए थे । उनकी मृत्यु के कारणों का पता अभी नहीं चल सका है।

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