वृंदावन में विराट कोहली का आध्यात्मिक पड़ाव

khabar pradhan

संवाददाता

13 May 2025

अपडेटेड: 7:56 AM 0thGMT+0530

वृंदावन में विराट कोहली का आध्यात्मिक पड़ाव

प्रेमानंद महाराज से मुलाकात, टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा

प्रेमानंद महाराज से मुलाकात, टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने हाल ही में क्रिकेट जगत को चौंकाते हुए टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। इस बड़े फैसले के ठीक अगले दिन, 13 मई 2025 को, विराट अपने परिवार के साथ वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। यह दृश्य न केवल उनके प्रशंसकों के लिए भावनात्मक था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ पर वह आध्यात्मिक शांति की तलाश में हैं।

वृंदावन में कोहली का आगमन

वृंदावन, जो भक्ति और आध्यात्म का केंद्र है, में विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और दोनों बच्चों, वामिका और अकाय, के साथ प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे। यह पहली बार नहीं है जब विराट ने इस आश्रम का रुख किया है। इससे पहले भी, जब वह अपने करियर में उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे थे, वह प्रेमानंद महाराज के सान्निध्य में समय बिता चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में विराट ने संत से आशीर्वाद लिया और जीवन के नए अध्याय को शुरू करने के लिए मार्गदर्शन मांगा।

प्रेमानंद महाराज, जो अपनी सरल और गहन शिक्षाओं के लिए जाने जाते हैं, ने विराट को संयम, साहस और निरंतर अभ्यास पर ध्यान देने की सलाह दी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इस मुलाकात के दौरान आश्रम में मौजूद भक्तों के बीच एक अलग ही उत्साह था। विराट और अनुष्का ने महाराज के प्रवचनों को ध्यान से सुना और उनके साथ संक्षिप्त बातचीत भी की।

टेस्ट क्रिकेट से संन्यास: एक युग का अंत

विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास क्रिकेट इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण है। 16 साल के शानदार करियर में, उन्होंने 113 टेस्ट मैचों में 8,848 रन बनाए, जिसमें 29 शतक और 30 अर्धशतक शामिल हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय टेस्ट टीम ने कई ऐतिहासिक जीत हासिल कीं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीत शामिल है। हालांकि, हाल के वर्षों में उनके फॉर्म में उतार-चढ़ाव और युवा खिलाड़ियों के उभरने के कारण यह फैसला लिया गया।

विराट ने अपने संन्यास की घोषणा में कहा, “टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए हमेशा विशेष रहा है, लेकिन अब समय है कि मैं नई पीढ़ी को मौका दूं और अपने जीवन के अन्य पहलुओं पर ध्यान दूं।” उनके इस फैसले ने प्रशंसकों के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कीं। जहां कुछ ने उनके योगदान को सलाम किया, वहीं कई प्रशंसक इस फैसले से भावुक हो उठे।

आध्यात्म की ओर कदम

विराट का वृंदावन जाना और प्रेमानंद महाराज से मिलना उनके आध्यात्मिक झुकाव को दर्शाता है। यह कोई रहस्य नहीं है कि कठिन समय में वह आध्यात्मिक मार्गदर्शन की तलाश करते हैं। 2022 में भी, जब वह खराब फॉर्म से जूझ रहे थे, वह प्रेमानंद महाराज के आश्रम गए थे। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट में शानदार वापसी की थी, जिसमें एशिया कप और टी20 विश्व कप में उनकी विस्फोटक पारियां शामिल थीं।

X पर कई यूजर्स ने इस घटना पर अपने विचार साझा किए। एक यूजर ने लिखा, “विराट का आध्यात्म की ओर बढ़ना प्रेरणादायक है। वह साबित करते हैं कि सफलता और शांति दोनों का संतुलन जरूरी है।” हालांकि, कुछ ने इसे एक पीआर स्टंट करार दिया, लेकिन अधिकांश प्रशंसकों का मानना है कि यह उनके निजी जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

क्या है प्रेमानंद महाराज का प्रभाव?

प्रेमानंद महाराज वृंदावन में एक सम्मानित संत हैं, जिनके प्रवचन और भक्ति भजनों ने लाखों लोगों को आकर्षित किया है। उनकी शिक्षाएं भगवद् गीता और भक्ति मार्ग पर आधारित हैं, जो जीवन में संतुलन और समर्पण की बात करती हैं। विराट जैसे हाई-प्रोफाइल व्यक्तित्व का बार-बार उनके आश्रम आना यह दर्शाता है कि उनकी शिक्षाएं न केवल आम लोगों, बल्कि प्रसिद्ध हस्तियों के लिए भी प्रासंगिक हैं।

विराट का भविष्य

संन्यास के बाद विराट कोहली के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं। कुछ का मानना है कि वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में अभी भी सक्रिय रहेंगे, जबकि अन्य का कहना है कि वह अब अपने परिवार और व्यवसायिक उपक्रमों पर ध्यान देंगे। इसके अलावा, उनकी प्रोडक्शन कंपनी और सामाजिक कार्यों में भी उनकी सक्रियता बढ़ सकती है।

वृंदावन में बिताया गया यह समय शायद विराट के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उनके प्रशंसक उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं कि वह अपने जीवन के अगले अध्याय में क्या नया लेकर आएंगे।

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