WhatsAppऑटो डाउनलोड बना मुसीबत:आईटी कर्मचारी से पांच लाख की ठगी
संवाददाता
23 February 2026
अपडेटेड: 4:12 PM 0rdGMT+0530
साइबर ठगी का नया तरीका
इंदौर में साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया है, जहां एक साधारण सी लापरवाही ने युवक को भारी नुकसान पहुंचा दिया। आईटी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी ने इंटरनेट पर बैंक का कस्टमर केयर नंबर ढूंढा और व्हाट्सएप पर आई एक संदिग्ध फाइल को नजरअंदाज नहीं किया, जिसका खामियाजा उसे पांच लाख रुपये गंवाकर चुकाना पड़ा।
ऑनलाइन सर्च बना जाल, नकली अधिकारी ने भरोसा जीता।
युवक को बैंक से जुड़ी कुछ जानकारी चाहिए थी, इसलिए उसने गूगल पर नंबर सर्च किया। कॉल करने पर सामने वाले ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया और कहा कि ई-केवाईसी अपडेट नहीं होने से खाता बंद हो सकता है। भरोसा दिलाने के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी, जिसे डाउनलोड करने के लिए कहा गया।
ऑटो डाउनलोड सेटिंग ने बढ़ाई परेशानी, फोन पर हुआ नियंत्रण।
युवक के फोन में व्हाट्सएप की ऑटो डाउनलोड सेटिंग ऑन थी, जिससे फाइल अपने आप डाउनलोड हो गई। जैसे ही उसने फाइल ओपन की, आरोपी ने फोन का एक्सेस हासिल कर लिया और मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद उसके खाते से पांच लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
घटना की जानकारी मिलते ही युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। टीआई मनीष मिश्रा के अनुसार, जिन खातों में राशि ट्रांसफर हुई है, उन्हें फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अनजान नंबरों और संदिग्ध फाइलों से सावधान रहना बेहद जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी एपीके फाइल या लिंक को डाउनलोड न करें और बैंक से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से ही लें, ताकि ऐसे साइबर अपराधों से बचा जा सके।