कब और कैसे लिखी गई हनुमान चालीसा
संवाददाता
12 April 2025
अपडेटेड: 2:51 PM 0thGMT+0530

हनुमान चालीसा किसने और कब लिखी..
हर हिंदू परिवार में हनुमान चालीसा जरूर मिलता है।और बहुत से लोग इसका नियमित पाठ भी करते हैं। ऐसा मानते हैं कि हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से भगवान हनुमान उनके सारे कष्ट ,सारे संकट दूर कर देते हैं।
हनुमान चालीसा दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पुस्तिका है। इस चालीसा में 40 चौपाइयां हैं और 40 छंद हैं।इसे तुलसीदास जी ने अवधी भाषा में लिखा है।
हनुमान चालीसा की रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने 16वीं शताब्दी में किया था ।ऐसा माना जाता है कि हनुमान चालीसा की रचना अकबर की जेल में हुई थी ।
ऐसा माना जाता है कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने जब रामचरितमानस की रचना की ,तब उनकी ख्याति दूर-दूर तक फैल चुकी थी । अकबर को भी तुलसीदास जी के बारे में पता चला। बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा कि तुलसीदास जी कौन है ।उन्होंने कहा यह राम भक्त हैं, और रामचरितमानस इन्होंने लिखा है ।अकबर ने तुलसीदास जी को अपने दरबार में बुलाया और अपनी प्रशंसा में कुछ लिखने को कहा ।
तुलसीदास जी ने कहा कि वह राम भक्त हैं ।और सिर्फ राम के बारे में ही लिखते हैं ।उन्होंने अकबर की प्रशंसा करने के लिए स्पष्ट रूप से मना कर दिया। अकबर ने उन्हें बंदी बना लिया और कारावास में डाल दिया ।
कारावास में रहते हुए तुलसीदास जी ने भगवान श्री राम और हनुमान जी को याद करके श्री राम और हनुमान जी से कारावास से मुक्त करने की प्रार्थना की और इसे चौपाइयों में लिखा । यही 40 चौपाइयां हनुमान चालीसा कहलाती हैं।
तब वहां बहुत सारे बंदरों ने किले में हमला कर दिया और किले को बहुत नुकसान पहुंचाया ।अकबर ने बीरबल से पूछा कि यह क्या हो रहा है तो बीरबल ने कहा तुलसीदास जी को रिहा कर दीजिए।
इसलिए ऐसा माना जाता है कि जब भी किसी संकट में या कष्ट में हम हनुमान जी को याद करते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं तो हनुमान जी सारे कष्ट हर लेते हैं।
हनुमान चालीसा की शुरुआत दो दोहे से होती है जिसका पहला शब्द है श्री गुरु इसमें श्री का संदर्भ सीता माता से है जिन्हें हनुमान जी अपना गुरु मानते हैं।