नवरात्रि में कब करें दुर्गा अष्टमी का पूजन- 29 या 30 सितंबर, आईए जाने पूजन की सही तिथि
संवाददाता
27 September 2025
अपडेटेड: 10:10 AM 0thGMT+0530
27 सितंबर 2025: मां दुर्गा को समर्पित शारदीय नवरात्रि अत्यंत पवित्र माने जाते हैं । जो इस बार 9 दिवसीय ना होकर 10 दिवसीय शारदीय नवरात्रि है।
माना जाता है कि तिथि की बढ़ोतरी होने से नवरात्रि अत्यंत शुभ मानी जाती हैं।
इस वर्ष 22 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्रि चल रही है। नवरात्रि के दिनों में माता दुर्गा की पूजा ,आराधना अत्यंत विधि विधान से की जाती है। नवरात्रि के पवित्र दिनों में विशेष पूजा अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है। और नवरात्र की समाप्ति पर कन्याओं का विशेष भोज देवी का स्वरूप मानकर किया जाता है।
इस बार चतुर्थी तिथि 2 दिन होने से अष्टमी और नवमी को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है । आईए जानते हैं अष्टमी और नवमी तिथि के बारे में..
पंचांग के अनुसार इस वर्ष अष्टमी तिथि का प्रारंभ 29 सितंबर 2025 को शाम 4:31 पर हो रहा है और 30 सितंबर 2025 शाम 6:06 तक अष्टमी तिथि समाप्त हो रही है।
यानि इस बार महाअष्टमी 30 सितंबर मंगलवार के दिन पड़ रही है।
और 1 अक्टूबर बुधवार के दिन नवमीं
की पूजा की जाएगी। कुछ लोग अष्टमी के दिन व्रत की समापन करते हैं कुछ लोग नवमी के दिन।
अष्टमी तिथि पूजन मुहूर्त:
इस नवरात्रि में 30 सितंबर को अष्टमी तिथि का पूजन किया जाएगा ।30 तारीख को सुबह 5:01 से सुबह 6:13 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा । अन्य शुभ मुहूर्त सुबह 10:45 से दोपहर 12:11 तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त 11:45 से दोपहर 12:35 तक अष्टमी में पूजन का शुभ मुहूर्त रहेगा।
नवमी तिथि का पूजन मुहूर्त:
इस नवरात्रि में महानवमी 1 अक्टूबर बुधवार के दिन पड़ रही है। पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 5:01 मिनट से सुबह 6:14 तक है।
इसके अलावा शुभ मुहूर्त 2:09 से लेकर 2:57 तक भी शुभ मुहूर्त रहेगा।
इस दौरान पूजा, हवन, कन्या पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं । कन्याओं को फल ,फूल ,मिठाई, हलवा ,पुरी का भोग लगाकर और उपहार की वस्तुएं दी जाती है।