घर में भगवान शिव की तस्वीर या मूर्ति कहां लगाएं -वास्तु अनुरूप जानिए
संवाददाता
12 February 2026
अपडेटेड: 1:01 PM 0thGMT+0530
लोग अक्सर अपने घरों में भगवान की मूर्ति या धार्मिक चित्र लगाते हैं। किंतु वास्तु शास्त्र में किसी भी चित्र या मूर्तियों का विशेष महत्व माना गया है। क्योंकि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण करती हैं।
शिवरात्रि पर अनेक श्रद्धालु भगवान शिव से जुड़े तीर्थ स्थलों जैसे उज्जैन, ओंकारेश्वर व अन्य ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए जाते हैं और वहां से प्रतीक स्वरूप शिवजी की तस्वीर या मूर्ति अपने साथ लाते हैं।
अब यह जानना जरूरी हो जाता है कि हम इन प्रतीक स्वरूप शिव जी की तस्वीर या मूर्ति को घर में किस दिशा में स्थापित करें। इस पर कुछ वस्तु संबंध उपाय होते हैं।
तस्वीर का उचित स्थान:
भगवान शिव की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करने के लिए ईशान कोण या उत्तर पूर्व दिशा सबसे उत्तम मानी जाती है । शिव का एक नाम ईशान भी है इसलिए यह दिशा उनके लिए शुभ होती है ।
शिव की ध्यान मुद्रा वाली तस्वीर घर में लगा सकते हैं । शिवलिंग की तस्वीर उत्तर पूर्व दिशा के बीच किसी भी स्थान पर लगाई जा सकती है।
तस्वीर का फ्रेम सफेद काला यह सिल्वर रंग का होना शुभ माना जाता है।
किंतु भगवान नटराज तांडव मुद्रा की तस्वीर या मूर्ति घर में नहीं लगना चाहिए। क्योंकि इससे घर की शांति प्रभावित होती है।
यदि किसी घर में पति-पत्नी के बीच निरंतर तनाव बना रहता है, घर में कलह होती है तो अर्धनारीश्वर स्वरूप की तस्वीर उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर लगाना चाहिए। शिव जी का यह स्वरूप दांपत्य जीवन में संतुलन सामंजस्य को बढ़ाता है । यदि शिवलिंग स्थापित करते हैं तो उसका आकार आपके अंगूठे से बड़ा नहीं होना चाहिए।
व्यापार में स्थिरता के लिए:
व्यापार में स्थायित्व और निरंतर प्रगति के लिए भगवान शिव के वाहन नंदी जी की प्रतिमा या तस्वीर घर की पश्चिम दिशा में लगाना शुभ माना जाता है।
इस बात का ध्यान रखें कि जिस चित्र में शिव क्रोध में हो या किसी राक्षस का वध कर रहे हो ऐसी तस्वीर घर में लगाने से परिवार के सदस्यों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन और आक्रामकता आ सकती है।
सीढ़ियों के नीचे, शौचालय की दीवार से सटी हुई जगह और दक्षिण दिशा इन स्थानों पर भगवान शिव की कोई भी तस्वीर या मूर्ति लगाने से बचना चाहिए।