शनि ग्रह की पीड़ा हनुमान भक्तों को क्यों नहीं होती…
संवाददाता
12 April 2025
अपडेटेड: 2:45 PM 0thGMT+0530

हनुमान जी की पूजा से शनि का अशुभ प्रभाव-कम कैसे होता है ।
हनुमान जी को कलयुग का देवता माना जाता है और वह राम कथा का प्रचार प्रसार करते हैं ।हनुमान जी के स्मरण मात्र से ही सभी कष्ट और परेशानी दूर हो जाती हैं।
ऐसा माना जाता है कि शनि देव की महादशा शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैया का अशुभ प्रभाव भी हनुमान जी की पूजा करने से नहीं होता। क्योंकि हनुमान जी ने शनिदेव को रावण की कैद से मुक्त कराया था, तब शनिदेव ने वचन दिया था कि हनुमान भक्तों को वह परेशान नहीं करेंगे ।
धार्मिक कथाओं के अनुसार रावण बहुत ही विद्वान पंडित था ।उसने अपनी शक्तियों और ज्ञान के बल पर रावण ने सभी ग्रहों को कैद में डाल दिया था और शनिदेव को विशेष तौर पर अपनी कैद में रखा था। जब राम भक्त हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचे ।
तब उन्होंने देखा कि सभी ग्रह जेल में बंद है और शनि देव उल्टे लटके हुए हैं ।हनुमान जी ने तुरंत शनि समेत सभी ग्रहों को रावण की जेल से मुक्त किया था। उससे प्रसन्न होकर शनि देव ने वचन दिया कि हनुमान जी की पूजा अर्चना करने वाले भक्तों को फिर कभी परेशान नहीं करेंगे। इस वजह से शनि की साढ़ेसाती और ढैया का अशुभ प्रभाव हनुमान जी की पूजा अर्चना करने से कम हो जाता है ।
एक अन्य कथा के अनुसार कलियुग के प्रारंभ में हनुमान जी श्री राम का ध्यान कर रहे थे ।
तब शनिदेव वहां से गुजर रहे थे ।शनि देव ने हनुमान जी से कहा कि कलयुग का प्रारंभ हो चुका है इस युग में आपका शरीर दुर्बल और मेरा शरीर बलवान हो जाएगा ।अब से मेरी साढेसाती की दशा आप पर प्रभावी हो जाएगी ।अब मैं आपके शरीर पर आ रहा हूं ।
हनुमान जी ने शनिदेव से कहा मैं अपने आराध्य का स्मरण कर यहा हूं और मेरे शरीर पर श्री राम के अलावा कोई नहीं आ सकता। हनुमान जी के कहने पर शनि देव नहीं माने और हनुमान जी के मस्तक पर विराजमान हो गए। हनुमान जी शनिदेव को देखकर मुस्कुराने लगे।
हनुमान जी के पर्वत को अपने सिर पर रख लिया ।यह देखकर शनिदेव घबरा गए और उन्होंने कहा यह आप क्या कर रहे हैं। उन्होंने इतना कहते हुए उसने दूसरा पर्वत के अपने सर पर रख लिया।
तब शनिदेव ने कहा कि आप इन्हें उतारिए ।तब शनि देव ने घबरा कर हनुमान जी को यह वचन दिया कि जो भी आपकी पूजा अर्चना करेगा ,उन भक्तों पर शनि देव की कुदृष्टि कभी नहीं पड़ेगी।
शनि की महादशा साढेंसाती या ढैया चल रही हो या शनि का दुष्प्रभाव व्यक्ति पर हो,तब हनुमान जी की पूजा करने से शनि का प्रभाव कम हो जाता है।