क्यों है विवादों में पाकिस्तान का चोलिस्तान नहर प्रोजेक्ट:

khabar pradhan

संवाददाता

23 May 2025

अपडेटेड: 1:24 PM 0rdGMT+0530

क्यों है विवादों में पाकिस्तान का चोलिस्तान नहर प्रोजेक्ट:

क्यों है विवादों में पाकिस्तान का चोलिस्तान नहर प्रोजेक्ट:


पाकिस्तान का चोलिस्तान नहर प्रोजेक्ट क्या है, क्यों है विवाद

भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान पहले ही मुश्किल में है। इसी बीच चोलिस्तान कैनाल प्रोजेक्ट भी विवादों में है। इसे लेकर सिंध प्रांत में हिंसक प्रदर्शन भी हुए।

आइए जानते हैं चोलिस्तान कैनाल प्रोजेक्ट क्या है, जिस पर पंजाब और सिंध के बीच खुली लड़ाई शुरू हो गई है।

1..प्रोजेक्ट के पीछे पाक की असल मंशा क्या?
चोलिस्तान नहर प्रोजेक्ट के पीछे पाकिस्तान का असल मकसद सिंध प्रांत में जाने वाले पानी को रोकना है। सिंधु नदी में बहने वाले पानी को वह दक्षिण पंजाब प्रांत में ही रोक देना चाहता है। अगर ऐसा हुआ, तो सिंध प्रांत में भयानक सूखा पड़ सकता है। इस प्रोजेक्ट के तहत सिंध जाने से पहले ही पानी रोकने के लिए 6 नहरों के बनाए जाने की योजना है।

2..इस नहर प्रोजेक्ट की क्यों हो रही अलोचना ?

पाकिस्तानी सरकार, सेना और प्रशासन में पंजाब के लोगों का दबदबा है। सिंध, बलूचिस्तान जैसे प्रांतों के प्रति पाक सरकार का रवैया हमेशा दोयम रहा है। इसलिए ये प्रोजेक्ट को आनन फानन में शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर ने मिलकर हरी झंडी दिखा दी, लेकिन इस प्रोजेक्ट पर सवाल भी उठा रहे हैं। दरअसल, इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट में सतलुज की बाढ़ का पानी भी मिलेगा। विशेषज्ञों का तर्क है कि बाढ़ के पानी पर निर्भर रहना पाकिस्तानी सरकार की बड़ी गलती होगा।

3…कितनी लागत से बनेगा नहर प्रोजेक्ट ?

यह प्रोजेक्ट पाक में दक्षिण पंजाब प्रांत में है, जो भारत के राजस्थान से सटा हुआ है। प्रोजेक्ट में 176 किमी लंबी मुख्य नहर और इसकी तीन शाखाओं का निर्माण किया जा रहा है। जल संग्रहण क्षमता 4,120 क्यूसेक है। लागत 67 अरब रुपए से अधिक है। यह प्रोजेक्ट पाकिस्तान 2030 तक पूरा करना चाहता है।

4..सिंध में कौनसी पार्टी कर रही इसका विरोध ?

सिंध में सत्तारूढ़ बिलावल भु‌ट्टो की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाक की संघीय सरकार के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखा मतभेद है, जबकि पीपीपी केंद्र में शहबाज साथ मिलकर सरकार चला रही है।

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