भारत की धरती पर आए तालिबानी मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को किया बैन
संवाददाता
11 October 2025
अपडेटेड: 2:16 PM 0thGMT+0530
11 अक्टूबर 2025: अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार काबिज हो चुकी है । इस तालिबानी सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुक्ताकी सात दिवसीय भारत दौरे पर आए हुए हैं । उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से कल मुलाकात की और इसके बाद अफगान दूतावास में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
किंतु इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि तालिबानी आयोजन में किसी भी महिला पत्रकार को आमंत्रित नहीं किया गया। यह भारत की सरजमीं पर लैंगिक भेदभाव का एक बड़ा उदाहरण है । जिसकी काफी आलोचना की जा रही है।
यह प्रेस वार्ता तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुक्ताकी और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के मुलाकात के बाद बुलाई गई थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल 20 पत्रकारों ने ही भाग लिया । और जिसमें केवल पुरुष पत्रकार ही दिखाए गए हैं। जिससे पत्रकार ,नेताओं सोशल मीडिया के यूजर्स में आक्रोश भड़कगया। लोगों ने इसे महिलाओं के प्रति भेदभाव का मामला उठाया। जो भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में अपमानजनक स्थिति है।
भारत की धरती पर तालिबानी आदेश को पारित करने वाले वे कौन होते हैं और ऐसा भेदभावपूर्ण एजेंडा ठोकने वाले महिलाओं के खिलाफ उनका कोई भी भागीदारी नहीं है।
जानकारी के अनुसार यह बताया गया कि कार्यक्रम में भागीदारी पर अंतिम निर्णय मुक्ताकी के साथ आए तालिबानी अधिकारियों ने ही लिया था जिसे भारतीय अधिकारियों को बाद में बताया गया।
यह एक दुर्लभ मामला है, जब किसी भी महिला पत्रकारों को अन्य देशों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में और मीडिया संवादों से दूर रखा गया हो।
आपको बता दें कि तालिबानी सरकार महिलाओं के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाती है। लड़कियों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रखा जा रहा है। अफगान महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है और यह पुरुष रिश्तेदारों के बिना कहीं भी आने-जाने में असमर्थ हैं।