लखनऊ में कोरोना की चिंता बरकरार. 24 घंटे में एक नया मरीज मिला
संवाददाता
9 June 2025
अपडेटेड: 11:30 AM 0thGMT+0530
Worries about Corona continue in Lucknow. A new patient found in 24 hours
उपमुख्यमंत्री ने सतर्कता की अपील की
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोविड-19 के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. पिछले 24 घंटों में एक नया कोरोना मरीज सामने आया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. शहर में अब तक कुल 12 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से छह मरीज अभी भी सक्रिय हैं. ये सभी मरीज होम आइसोलेशन में हैं और घर पर ही उनका इलाज चल रहा है. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लोगों से सावधानी बरतने और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी है.
नया मरीज गोमती नगर के विश्वासखंड का रहने वाला है. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मरीज की स्थिति स्थिर है और उसे होम क्वारंटाइन में रखा गया है. इसके साथ ही मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी जांच शुरू कर दी गई है. लखनऊ में पिछले कुछ दिनों से कोविड के मामलों में धीमी लेकिन लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिसने प्रशासन को चिंता में डाल दिया है. सोशल मीडिया पर भी लोग इस स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं और सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं.
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जो स्वास्थ्य मंत्रालय का जिम्मा भी संभालते हैं, ने लोगों से मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और बार-बार हाथ धोने जैसे उपाय अपनाने को कहा है. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि टेस्टिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में कोई ढिलाई न बरती जाए. पाठक ने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य में कोविड की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लोगों की लापरवाही इसे जटिल बना सकती है. उन्होंने टीकाकरण को सबसे प्रभावी हथियार बताते हुए बूस्टर डोज लेने की सलाह दी.
लखनऊ में हाल के दिनों में कोविड के मामलों में उछाल की वजह से स्वास्थ्य विभाग ने अपनी निगरानी तेज कर दी है. अस्पतालों में कोविड वार्ड को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत भर्ती किया जा सके. इसके अलावा बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी कोविड नियमों का पालन कराने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं.
कोविड के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर लोगों को सतर्क कर दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम और त्योहारी भीड़ के कारण वायरस के फैलने का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए सामूहिक आयोजनों में सावधानी बरतना जरूरी है. लखनऊ के निवासियों से अपील की जा रही है कि वे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें.
यह स्थिति न केवल लखनऊ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक चेतावनी है. स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अपनी ओर से हर संभव कदम उठा रहे हैं, लेकिन इस महामारी को नियंत्रित करने में जनता की भागीदारी सबसे अहम है. उपमुख्यमंत्री की सलाह और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से उम्मीद है कि लखनऊ में स्थिति जल्द नियंत्रण में आएगी.