पाकिस्तान को ओवैसी का करारा जवाब: ‘शादी हो चुकी है, मेरी फिक्र छोड़ दो!’
संवाददाता
6 June 2025
अपडेटेड: 6:10 AM 0thGMT+0530
You talk about Islam, you devils!
‘इस्लाम की बात करते हो, शैतानों!’ – ओवैसी ने पाकिस्तानी मौलवियों को लिया आड़े हाथ
हैदराबाद के सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में पड़ोसी देश पाकिस्तान और उसके मौलवियों पर जमकर निशाना साधा। अपनी बेबाक और बुलंद आवाज के लिए मशहूर ओवैसी ने पाकिस्तान की कथित इस्लामिक छवि को न केवल चुनौती दी, बल्कि उसे “आतंकवाद का गढ़” और “इस्लाम विरोधी” करार देते हुए तीखा हमला बोला। उनकी जुबान से निकले शब्दों ने न सिर्फ सोशल मीडिया पर हलचल मचाई, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही तनातनी को एक नया रंग भी दिया। आइए, इस पूरे मामले को गहराई से समझते हैं और जानते हैं कि कैसे ओवैसी ने अपने बयानों से एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं।
पाकिस्तान को ‘भिखमंगा’ कहकर लताड़ा
ओवैसी ने अपने हालिया बयान में पाकिस्तान को “भिखमंगा देश” कहकर तंज कसा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से कर्ज लेने की पाकिस्तान की आदत पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह देश अपनी आर्थिक बदहाली को छिपाने के लिए इस्लाम का सहारा लेता है। “तुम इस्लाम की बात करते हो, लेकिन शैतानों जैसे काम करते हो,” ओवैसी का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा से आतंकवाद को बढ़ावा दिया है और उसकी नीतियां इस्लाम की मूल भावना के खिलाफ हैं।
उनका यह बयान उस समय आया जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ रहा है। खासकर जम्मू-कश्मीर में हाल की आतंकी घटनाओं के बाद, ओवैसी ने लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों को पाकिस्तान की सरकार का “हाथ” बताते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “जब तक पाकिस्तान की सरकार रहेगी, तब तक लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन फलते-फूलते रहेंगे।” यह बयान न केवल भारत में चर्चा का विषय बना, बल्कि पाकिस्तान में भी इसकी गूंज सुनाई दी।
‘मेरी शादी हो चुकी है, फिक्र न करो’ – तंज का अनोखा अंदाज
ओवैसी के बयानों में सबसे ज्यादा चर्चा बटोरने वाला था उनका वह तंज, जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी मौलवियों को निशाने पर लिया। पाकिस्तान के कुछ मौलवियों ने ओवैसी पर व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं, जिसका जवाब देते हुए उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में, लेकिन तीखे व्यंग्य के साथ कहा, “मेरी शादी हो चुकी है, मेरी फिक्र मत करो। तुम अपने देश की चिंता करो, जो आतंकवाद और कट्टरपंथ का केंद्र बन चुका है।” यह बयान न केवल उनके हास्यबोध को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वह कितनी चतुराई से अपने विरोधियों को जवाब दे सकते हैं।
इस बयान ने सोशल मीडिया पर खूब वाहवाही बटोरी। लोग उनके इस अंदाज की तारीफ करते नहीं थक रहे। एक यूजर ने लिखा, “ओवैसी साहब ने एक ही तीर से दो निशाने साधे – पाकिस्तान को लताड़ा और मौलवियों को भी आईना दिखा दिया।” यह बयान न केवल मजेदार था, बल्कि इसने ओवैसी की छवि को और मजबूत किया, जो हमेशा से अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं।
पाकिस्तान की ‘आतंकवादी नीति’ पर प्रहार
ओवैसी ने अपने भाषण में पाकिस्तान की आतंकवादी नीतियों पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास आतंकवाद को पनाह देने और उसे बढ़ावा देने का रहा है। चाहे वह जकीउर रहमान लखवी जैसे आतंकियों को संरक्षण देना हो या फिर लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को खुली छूट देना, पाकिस्तान ने हमेशा भारत के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ा है। ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपनी आर्थिक और सामाजिक विफलताओं को छिपाने के लिए इस्लाम का दुरुपयोग करता है।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान वह देश है जो चीन जैसे मुल्क के तलवे चाटता है, जो उइगर मुसलमानों पर अत्याचार करता है और मस्जिदों को तोड़ता है। फिर भी ये लोग इस्लाम का सर्टिफिकेट बांटने निकलते हैं।” यह बयान न केवल पाकिस्तान की विदेश नीति पर एक करारा प्रहार था, बल्कि इसने उसकी दोहरी नीतियों को भी उजागर किया।
इस्लाम की आड़ में कट्टरपंथ को बढ़ावा?
ओवैसी ने पाकिस्तान को “तकफीरिज्म का केंद्र” करार दिया, जिसका अर्थ है कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देना। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा से इस्लाम की आड़ में अपनी गलत नीतियों को सही ठहराने की कोशिश की है। “यह वही देश है जो अपने ही लोगों को भुखमरी की कगार पर छोड़ देता है, लेकिन आतंकवाद को फंड करने में कोई कसर नहीं छोड़ता,” ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा।
उनके अनुसार, पाकिस्तान की सरकार और वहां के कुछ मौलवी इस्लाम की गलत व्याख्या करके न केवल अपने देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि पूरे विश्व में इस्लाम की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं। ओवैसी ने यह भी कहा कि भारत का मुसलमान अपनी देशभक्ति और इस्लाम के प्रति अपनी आस्था को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है, और उसे पाकिस्तान जैसे देशों से कोई सीख लेने की जरूरत नहीं है।
सोशल मीडिया पर छाया ओवैसी का बयान
ओवैसी के इन बयानों ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया। कई लोगों ने उनके बयानों का समर्थन किया, तो कुछ ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया। एक यूजर ने लिखा, “ओवैसी ने जो कहा, वह हर भारतीय की भावना को व्यक्त करता है। पाकिस्तान को अब अपनी असलियत समझ लेनी चाहिए।” वहीं, कुछ लोगों ने उनके बयानों को “भड़काऊ” बताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
हालांकि, ओवैसी के समर्थकों का कहना है कि उनके बयान न केवल सटीक हैं, बल्कि यह भारत के आतंकवाद के खिलाफ मजबूत रुख को भी दर्शाते हैं। एक समर्थक ने लिखा, “ओवैसी ने वही कहा जो हर भारतीय सोचता है। पाकिस्तान को अब आईना देखने का समय आ गया है।”
भारत-पाकिस्तान तनाव का पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। जम्मू-कश्मीर में हाल की आतंकी घटनाओं ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है। भारत ने हमेशा से पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है, और ओवैसी का यह बयान उस रुख को और मजबूत करता है।
पाकिस्तान की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन वहां के कुछ मीडिया हाउस और मौलवियों ने इसे “भारत की मुस्लिम विरोधी मानसिकता” से जोड़ने की कोशिश की है। हालांकि, ओवैसी ने साफ कर दिया कि उनका बयान किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि आतंकवाद और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाली नीतियों के खिलाफ है।
क्या है ओवैसी का मकसद?
कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी का यह बयान न केवल पाकिस्तान को जवाब देना है, बल्कि भारत में अपनी एक खास छवि को और मजबूत करना भी है। वह हमेशा से अपनी बेबाकी और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं। इस बयान के जरिए उन्होंने एक बार फिर दिखा दिया कि वह न केवल अपने समुदाय की आवाज उठाते हैं, बल्कि राष्ट्रीय हितों के लिए भी बेबाकी से बोल सकते हैं।
एक बयान, कई संदेश
असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान न केवल पाकिस्तान के लिए एक करारा जवाब है, बल्कि यह भारत के आतंकवाद के खिलाफ मजबूत रुख को भी दर्शाता है। उनके तंज और व्यंग्य ने न केवल लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि यह भी दिखाया कि वह कितनी चतुराई से अपने विरोधियों को जवाब दे सकते हैं। यह बयान निश्चित रूप से लंबे समय तक चर्चा में रहेगा और भारत-पाकिस्तान के बीच चल रही तनातनी को एक नया आयाम देगा।
क्या आप भी मानते हैं कि ओवैसी का यह बयान भारत की भावनाओं को व्यक्त करता है?