अक्षर पटेल ने चैंपियंस ट्रॉफी में अपनी ऑलराउंडर क्षमताओं का बेहतरीन प्रदर्शन किया

khabar pradhan

संवाददाता

7 March 2025

अपडेटेड: 8:11 AM 0thGMT+0530

एक वक्त रवींद्र जडेजा जैसी समानता रखने के कारण अक्षर को अधिक मौके नहीं मिले। जडेजा की छाया से बाहर आने में संघर्ष करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने अपना रास्ता खुद बनाया और अब वह मंजिलों को छू रहे हैं

मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की हालिया सफलता ने बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल को सुर्खियां बनने का मौका नहीं दिया। भारत के चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचने के सफर से लेकर उससे पहले तक अक्षर लगातार बल्ले और गेंद से टीम को उपयोगी योगदान देते आ रहे हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप चरण के मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की जीत के बीच में जब केन विलियम्सन खड़े थे तब अक्षर पटेल ने ही उनका विकेट लेकर फिर साबित किया कि वह भारतीय टीम के नए खेवनहार हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ अक्षर के 10 ओवर के कोटे की यह अंतिम गेंद थी जिसने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया था। इस पर भी लोगों का अधिक ध्यान नहीं गया, क्योंकि इस मैच में वरुण चक्रवर्ती ने पांच विकेट लेकर सबका ध्यान खींच लिया था।

एक समय रवींद्र जडेजा जैसी समानता रखने के कारण अक्षर को अधिक मौके नहीं मिले। उन्हें जडेजा की छाया से बाहर आने में संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने अपने लिए रास्ता बनाने के लिए 2022 से अपनी बल्लेबाजी पर काम किया और टीम प्रबंधन ने जब उन्हें पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा तो वह अपेक्षाओं पर पूरी तरह से खरे उतरे।

अनुभवी राहुल की जगह अक्षर को पांचवें नंबर पर उतारने का टीम प्रबंधन का फैसला जोखिम भरा था। अक्षर पिछले साल श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले गए दूसरे वनडे मैच से नियमित रूप से पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने पहले मैच में ही 44 रन बनाकर जता दिया था कि वह इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अक्षर ने इसके बाद पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 52, नाबाद 41, 8, नाबाद 3, 42 और 27 रन बनाए हैं। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में यह जिम्मेदारी संभाली। इससे भारत को मध्यक्रम में दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाज का संयोजन तैयार करने में भी मदद मिली। राहुल के पहली पसंद का विकेटकीपर होने के कारण भारत के लिए यह संयोजन महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

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