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22 जून 2026:
कल रविवार स्विट्जरलैंड के बर्नगस्टॉक में अमेरिका ईरान डील के बीच  शांति वार्ता में फिर तनाव बढ़ गया है । क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने धमकी देते हुए कहा है कि यदि ईरान लेबनान में हिजबुल्ला को मदद करता है तो अमेरिका फिर से उस पर हमला कर सकता है।  जिससे ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद कालीबाफ ने शांति वार्ता को बीच में ही छोड़ दिया और कहा कि हमारी सेना इसके लिए तैयार है। और पूरा वर्ड जानता है कि ट्रंप अधिक बोलते हैं, धमकी ज्यादा देते हैं।
जिससे इस शांति वार्ता में कोई डील संभव नहीं हो सकी और ना कोई ऐलान हो सका। इधर ट्रंप ने कहा है कि यदि डील नहीं हुई तो अमेरिका होर्मुज स्टेट में टोल वसूली करेगा।
और इधर ईरान ने लेबनान पर हमले के विरोध में होर्मुज स्टेट बंद कर दिया।
हार्मोन स्टेट के बंद होने पर जहाज की आवाजाही धीमी पड़ गई है। ट्रंप के इन तीखे बयानों के बाद हार्मुज पर ईरान की सख्ती भी देखने को मिल रही है । हार्मुज स्टेट बंद होने पर जहाज की आवाजाही में व्यवधान उत्पन्न हो गया है । जहाज की रफ्तार धीमी पड़ गई है।  दोनों देशों के बीच अब लगातार तनाव चल रहा है।

शांति वार्ता अब फिर खतरे में क्योंकि वार्ता के चार प्रमुख मुद्दे हैं, जो अनसुलझे हैं और इन पर बिना बातचीत के डील संभव नहीं है।
1..पहला मुद्दा जो सबसे महत्वपूर्ण है वह है परमाणु का मुद्दा। ट्रंप का मुख्य उद्देश्य है ईरान के परमाणु प्रोग्राम को रोकना।  ट्रंप ईरान के यूरेनियम एनरिचमेंट को रोकना चाहते हैं, जबकि ईरान यूरेनियम न रखने पर सहमत नहीं है। जिससे परमाणु का मुद्दा सबसे अहम मुद्दा बन चुका है।
2..इसके बाद दूसरा सबसे अहम मुद्दा है कि ईरान हिज्बुल्लाह, हमास और हूतियों के खिलाफ हमले बंद करना चाहता है यानी युद्ध विराम चाहता है, लेकिन इसराइल और अमेरिका इन हमलों को बंद करने पर सहमत नहीं है।
3..ईरान ने शांति वार्ता से पहले ही यह स्पष्ट किया था की कतर में उसकी 57000 करोड रुपए की संपत्ति को डीफ्रीज किया जाए, किंतु कतर इसके लिए तैयार नहीं था । अब दो महीने  के बाद ईरान खाड़ी देशों से 28 लाख करोड रुपए के पैकेज भी लेना चाहता है जिसे वह पुनर्निर्माण में लगाना चाहता है।
4..ईरान की यह भी मांग है कि उस पर जितने भी प्रतिबंध लगाए गए हैं उन्हें हटाया जाए । क्योंकि ट्रंप ने शांति वार्ता डील के पहले ही यह ऐलान किया था कि वह ईरान पर लगे हुए प्रतिबंध को हटा देगा, किंतु यूरोपीय देश ईरान से निर्यात प्रतिबंध नहीं हटा रहे ।
इन सब प्रमुख कारणों के बीच शांति वार्ता फिर खतरे में पड़ चुकी है और अमेरिका ने ईरान पर फिर हमले करने की धमकी दी है। इधर ईरान ने भी इन हमलों के विरोध में होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की घोषणा की है।


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