अमेरिका का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन: 48 घंटे में ईरान से अपने पायलट को सुरक्षित निकाला
संवाददाता
6 April 2026
अपडेटेड: 4:04 PM 0thGMT+0530
6 अप्रैल 2026
वाशिंगटन :
ड्रोन, लड़ाकू विमान और कमांडो की मदद से चला साहसी मिशन, ईरान ने नुकसान के दावों को नकारा
अमेरिका ने ईरान के अंदर फंसे अपने एक पायलट को निकालने के लिए करीब 48 घंटे लंबा एक बड़ा और जोखिम भरा बचाव अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में ड्रोन, लड़ाकू विमान और सैकड़ों कमांडो शामिल थे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह उनके सैन्य इतिहास के सबसे साहसी रेस्क्यू मिशनों में से एक रहा।
जानकारी के मुताबिक, पायलट का विमान ईरान के इलाके में गिर गया था, जिसके बाद वह वहां फंस गया। उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अमेरिका ने तुरंत योजना बनाई और लगातार कोशिशें शुरू कीं। इस दौरान कई बार हालात बेहद चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन आखिरकार पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन को जटिल लेकिन सफल बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य अपने सैनिक को सुरक्षित घर लाना था, जो पूरा हुआ।
वहीं दूसरी ओर, ईरान ने इस ऑपरेशन से जुड़े अमेरिकी दावों को खारिज किया है। ईरान का कहना है कि उसने अमेरिका के दो हेलीकॉप्टर और दो ट्रांसपोर्ट विमान को नुकसान पहुंचाया। हालांकि अमेरिका ने इन दावों को गलत बताया है।
बताया जा रहा है कि पायलट को निकालने के दौरान अमेरिका को अपने कुछ उपकरण और विमान भी छोड़ने पड़े या नष्ट करने पड़े, ताकि वे दुश्मन के हाथ न लगें।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच तनाव और बढ़ गया है। ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की बात कही है।
इस ऑपरेशन ने एक बार फिर दिखा दिया कि किसी भी देश के लिए अपने सैनिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है, भले ही इसके लिए कितना भी बड़ा जोखिम क्यों न उठाना पड़े।