अमेरिकी मंत्री का बयान: भारत को चीन जैसी आर्थिक ताकत बनने नहीं देंगे
संवाददाता
7 March 2026
अपडेटेड: 2:02 PM 0thGMT+0530
7 मार्च 2026
नई दिल्ली।भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंधों के बीच एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। नई दिल्ली में आयोजित ‘रायसीना डायलॉग’ के दौरान अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका भारत को चीन की तरह बड़ी आर्थिक प्रतिस्पर्धी शक्ति बनने देने की गलती दोहराना नहीं चाहता।
अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडो ने कहा कि भारत अमेरिका का महत्वपूर्ण साझेदार है, लेकिन यह साझेदारी कुछ सीमाओं और शर्तों के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने बाजार तक भारत की बिना शर्त पहुंच नहीं देगा, क्योंकि वह चीन के साथ की गई पिछली गलतियों को दोहराना नहीं चाहता।
लैंडो ने कहा कि करीब 20 साल पहले चीन को वैश्विक बाजारों तक खुली पहुंच देने से वह आज अमेरिका का बड़ा आर्थिक प्रतिद्वंद्वी बन गया। इसलिए अब अमेरिका भारत के साथ व्यापारिक संबंधों में ज्यादा सावधानी बरतना चाहता है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत 21वीं सदी में एक महत्वपूर्ण वैश्विक शक्ति बनकर उभर रहा है और अमेरिका के लिए एक अहम साझेदार है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग और रणनीतिक संबंध आगे भी मजबूत होते रहेंगे, लेकिन अमेरिकी नीति अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही तय की जाएगी।