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7 June 2026

मध्य प्रदेश के जबलपुर से नशे के एक ऐसे काले कारोबार का पर्दाफाश हुआ है जिसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाए. जो इंजेक्शन अस्पतालों में मरीजों को राहत देने और उनके इलाज के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, उन्हें ये तस्कर नशेड़ियों तक सप्लाई कर रहे थे. जबलपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए नशे के इस बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है और मौके से कुल 6,600 नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं. इस मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों को दबोच लिया है, जबकि 4 आरोपी अब भी फरार हैं.

ई-रिक्शा से शुरू हुई धरपकड़
पुलिस को इस नेटवर्क की पहली कड़ी शहर के रामलीला मैदान के पास मिली. पुलिस ने वहां एक ई-रिक्शा को रोका, जिसमें सवार दुर्गा पटेल नाम के व्यक्ति के पास से 32 नशीले इंजेक्शन मिले. जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो दुर्गा ने उगल दिया कि वह यह खेप अमजद खान और मोहम्मद आरिफ के कहने पर सौरव सोनकर को देने जा रहा था.

एक के बाद एक कड़ियां जुड़ती गईं
इस सुराग के हाथ लगते ही पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी. पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े मोहम्मद आरिफ, अमजद खान, सैयद अशरफ अली, मदन महल के रहने वाले गुलाटी और सौरभ नामदेव को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद पुलिस ने एक अन्य जगह पर छापा मारकर गौरांश साहू को भी दबोच लिया, जिसके पास से नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाले कुल 34 सौ (3400) इंजेक्शन बरामद हुए. गौरांश ने पूछताछ में बताया कि यह स्टॉक उसे कल्लू दादा नाम के व्यक्ति ने बेचने और रखवाली करने के लिए दिया था.

ऐसे चलता था नशे का पूरा खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि सैयद अशरफ और सौरभ मिलकर नशा करने वालों को इन प्रतिबंधित इंजेक्शनों की सप्लाई और व्यवस्था कराते थे. वहीं अमजद खान इन इंजेक्शनों के वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) का मुख्य काम संभालता था और बाकी लोग माल की सप्लाई और बांटने में उसकी मदद करते थे.

4 आरोपी फरार, पुलिस खंगाल रही है पूरा नेटवर्क
सीएसपी जितेंद्र सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने ड्रग्स कंट्रोल एक्ट और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है. इस गिरोह के चार आरोपी—कल्लू दादा, सौरभ सोनकर और दो अन्य लोग अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में ये नशीले इंजेक्शन इस गैंग के पास कहाँ से आते थे और इसके पीछे मुख्य सप्लायर कौन है.


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