इजरायल ईरान युद्ध पर संसद में अलर्ट: युद्ध के बीच बड़ी चुनौती के लिए तैयार रहना होगा: पीएम मोदी

khabar pradhan

संवाददाता

24 March 2026

अपडेटेड: 11:50 AM 0thGMT+0530

24 मार्च 2026
नई दिल्ली। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को कोविड-19 जैसी गंभीर चुनौती बताते हुए देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है और यही उसकी असली ताकत है।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले और उसके जवाबी कदमों के बाद भारत की स्थिति संतुलित और स्पष्ट रही है। भारत सभी पक्षों को जल्द शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब देश की सरकार और नागरिक एक साथ खड़े होते हैं, तो हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।

ऊर्जा सुरक्षा पर बात करते हुए मोदी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने अपने ऊर्जा आयात स्रोतों को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक विस्तारित किया है, जिससे निर्भरता कम हुई है। वर्तमान में देश के पास लगभग 53 लाख मीट्रिक टन पेट्रोलियम भंडार है, जिसे 65 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने का प्रयास जारी है।

हॉर्मुज जलमार्ग में किसी भी प्रकार की रुकावट को उन्होंने पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। साथ ही, युद्ध के बीच 3.75 लाख भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई, जिनमें ईरान से आए करीब 700 छात्र भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश में खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता है और खरीफ बुवाई के लिए उर्वरकों की व्यवस्था पूरी तरह सुनिश्चित की गई है।

वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की और कहा कि देश को मौजूदा हालात से अवगत कराना जरूरी है।

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