ई-पेंशन से आसान होगी प्रक्रिया: अब SBI के जरिए मिलेगी पेंशन
संवाददाता
17 March 2026
अपडेटेड: 11:17 AM 0thGMT+0530
17 मार्च 2026
भोपाल। प्रदेश में सरकारी महकमों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए पेंशन प्रक्रिया अब और आसान होने जा रही है। पेंशन निर्धारण की प्रक्रिया अब ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी, जिससे पेंशनर्स को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पेंशन बिना किसी प्रशासनिक बाधा के सीधे संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाई जाएगी। इस प्रणाली के तहत पेंशन से जुड़े सभी कार्य डिजिटल रूप से संपन्न होंगे, जिससे पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेंगी।
बताया गया है कि राज्य में यह व्यवस्था अप्रैल से प्रभावी होगी। फिलहाल प्रदेश के 4.64 लाख पेंशनर्स स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से पेंशन दी जाएगी l अभी तक यह पेंशन कई बैंकों के माध्यम से दी जाती थी l
इसके अलावा पेंशन निर्धारण की पूरी प्रक्रिया अब भोपाल स्थित मुख्यालय से केंद्रीकृत रूप से संचालित की जाएगी। इससे कर्मचारियों को समय पर पेंशन मिलने में आसानी होगी और प्रक्रियाओं में देरी की समस्या भी दूर होगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पेंशनर्स को बार-बार बैंक बदलने या कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय की बचत होगी और समस्याओं का समाधान भी तेजी से होगा। पहले पेंशन बदलने या सुधार के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, लेकिन अब यह काम आसान हो जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस बदलाव से पेंशन भुगतान में देरी, गलतियों और तकनीकी अड़चनों को कम किया जा सकेगा। साथ ही पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
पहले पेंशन कार्यालय से आदेश बैंक को भेजा जाता था और राशि ट्रेजरी के माध्यम से मिलती थी, लेकिन अब यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सरल बना दी गई है। इससे पेंशनर्स को सीधे और समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा।
बंद होंगे सभी जिला पेंशन कार्यालय
राज्य सरकार ने पेंशन प्रणाली में बड़ा सुधार करते हुए सभी जिलों में संचालित पेंशन कार्यालयों को बंद करने का फैसला लिया है। अब पेंशन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया भोपाल स्थित मुख्यालय से केंद्रीकृत और ऑनलाइन तरीके से संचालित की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत पेंशन निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और फेसलेस होगी। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को किसी भी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे ऑनलाइन आवेदन कर अपने केस की स्थिति भी देख सकेंगे।
सरकार के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार व अनावश्यक दबाव को खत्म करना है। अब कोई भी अधिकारी किसी भी कर्मचारी की पेंशन फाइल को ऑनलाइन डायरेक्ट प्रोसेस कर सकेगा, जिससे प्रक्रिया तेज और सरल बनेगी।
इस नई प्रणाली का ट्रायल रायसेन जिले में किया गया था, जो सफल रहा। इसके बाद इसे प्रदेश के सभी जिलों में लागू करने की तैयारी की जा रही है।
फैक्ट फाइल के अनुसार, हर साल करीब 22 हजार कर्मचारी रिटायर होते हैं और पेंशन पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होते हैं। नई व्यवस्था लागू होने से पेंशनर्स को किसी भी बैंक खाते में पेंशन मिल सकेगी, प्रक्रिया आसान होगी और भुगतान में देरी भी कम होगी। साथ ही सरकार को उम्मीद है कि इससे फाइलों का निपटारा तेज होगा और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।