11 मई 2026
नई दिल्ली:
पश्चिम एशिया में पिछले दो महीनों से भी ज्यादा समय से चल रहे तनाव और युद्ध को खत्म करने के लिए अब कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर अपना औपचारिक जवाब भेज दिया है। खास बात यह है कि इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
पाकिस्तान की भूमिका
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरान का जवाब उनके माध्यम से ट्रंप प्रशासन तक पहुँचा दिया गया है। अमेरिका अब ईरान की ओर से दिए गए इस जवाब और उनकी शर्तों की गहराई से समीक्षा कर रहा है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि अगले हफ्ते पाकिस्तान में शांति को लेकर अहम बातचीत हो सकती है।
ईरान की शर्तें
ईरानी समाचार एजेंसी (IRNA) के अनुसार, तेहरान के इस जवाबी प्रस्ताव में सबसे ज्यादा जोर सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकने और क्षेत्र में फैले तनाव को कम करने पर दिया गया है। ईरान की प्रमुख शर्तों में यह भी शामिल है कि केवल एक जगह नहीं, बल्कि लेबनान समेत उन सभी मोर्चों पर युद्ध को पूरी तरह खत्म किया जाए जहाँ वर्तमान में संघर्ष जारी है।
शांति की उम्मीद के बीच बना हुआ है तनाव
भले ही बातचीत का दौर शुरू हो गया है और युद्धविराम की कोशिशें जारी हैं, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। दुनिया की नजरें अब अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह ईरान की इन शर्तों को किस तरह स्वीकार करता है। अगर यह बातचीत सफल रहती है, तो लंबे समय से जारी हिंसा पर लगाम लग सकती है।


Leave a Reply