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प्रदेश भर में भाजपा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर चले लाठी डंडे:
दिल्ली में एआई इंपैक्ट समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद भाजयुमो ने कल शनिवार को पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

जमकर चले लाठी डंडे:
भोपाल में भाजयुमो पुलिस की चार स्तर की बैरिकेडिंग तोड़कर पीसीसी गेट तक जा पहुंचे।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस कार्यालय के गेट तक पहुंच कर बैनर पोस्टर फाड़े। दोनों पक्षों के बीच जमकर डंडे और पत्थर चले ।‌कांग्रेस के 12 और भाजपा के 6 कार्यकर्ता घायल भी हुए।‌ इसमें से एक भाजयुमों कार्यकर्ता आईसीयू में है ।‌दोनों पक्षों ने FIR दर्ज कराई है ।

इंदौर में कांग्रेस कार्यालय के सामने कांग्रेस और भाजयुमो आमने-सामने हो गए।  भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और दोनों ओर से पानी की बोतल, पत्थ, टमाटर फेंकें गए।  आधे घंटे के उपद्रव में पुलिस अफसर और कर्मी घायल हो गए । तब पुलिस ने वाटर कैनन चलाया।  पथराव में एसआई आरएस बघेल के सीने पर पत्थर लगा और एडीसीपी विशेष अग्रवाल के सिर में चोट आई है।

भाजयुमो के आह्वान पर प्रदेश भर में प्रदर्शन का असर रहा।  भोपाल ,इंदौर के अलावा उज्जैन ,रतलाम, रीवा, ग्वालियर ,जबलपुर, सागर सहित अन्य जिलों में भी कांग्रेस दफ्तर के सामने प्रदर्शन हुआ।  इस दौरान छुटपुट हादसे  भी सामने आए।

कांग्रेस का आरोप
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इसे पुलिस की मिली भगत वाला प्रदर्शन बताया।  संगठन महामंत्री संजय कमले ने कहा 4 लेयर बैरिकेडिंग के बाद हमारे कार्यालय तक कार्यकर्ता कैसे पहुंच गए।  इधर भाजयुमो अध्यक्ष श्याम टेलर ने कहा है कि दिल्ली में कांग्रेस ने दिल्ली में अर्धनग्न प्रदर्शन कर देश की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने मोर्चा के 50 कार्यकर्ताओं पर दंगा करने समेत अन्य धारों में एफआईआर दर्ज कराई है।
वही युवा मोर्चा के कार्यकर्ता राकेश परस्ते की शिकायत पर 60 कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर  केस दर्ज किया गया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र:
कांग्रेसप्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है और इसमें कहा है कि शनिवार को भोपाल इंदौर सहित विभिन्न स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस कार्यालय पर संगठित रूप से हमला किया गया। इन घटनाओं के दौरान पुलिस प्रशासन अपेक्षित तत्परता और निष्पक्षता प्रदर्शित करने में असफल रहा है। जिससे यह प्रतीत होता है कि सत्ता के दबाव में उपद्रवियों के विरुद्ध तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। घटना के उपरांत कांग्रेस नेताओं पर प्रताड़नात्मक और संगठित रूप से निराधार प्रकरण दर्ज किया जा रहे हैं। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने इस गुंडागर्दी बताते हुए अनुचित बताया है


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