एम्स की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रश्मि की मौत : 24 दिन से थी वेंटीलेटर पर:

khabar pradhan

संवाददाता

6 January 2026

अपडेटेड: 12:42 PM 0thGMT+0530


एम्स भोपाल की इमरजेंसी और ट्रॉमा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रश्मि वर्मा की 24 दिन के बाद मौत हो गई । उन्होंने 11 दिसंबर को आत्महत्या के प्रयास किया था।‌ जिसमें उन्होंने एनेस्थीसिया का हाई डोज लिया था। 5 जनवरी को उन्होंने 11:00 बजे अंतिम सांस ली। वे 24 दिन से वेंटिलेटर पर थी और जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थी।
डॉ रश्मि कार्यक्षेत्र में प्रताड़ना से परेशान थी।
इस घटना के बाद एम्स में टॉक्सिक वर्क कल्चर और प्रशासनिक दबाव को लेकर सवाल तेज हो गए हैं।
11 दिसंबर को डॉक्टर रश्मि ने अपने घर पर ही एनेस्थीसिया का हाई डोज लेकर आत्महत्या का प्रयास किया था।‌ उनके पति डॉक्टर मनमोहन शाक्य ने उन्हें तुरंत एम्स पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका दिल 7 मिनट तक धड़कता रहा। किंतु दिमाग को लंबे समय तक ऑक्सीजन न मिलने के कारण गंभीर नुकसान हुआ।
एमआरआई में ग्लोबल हाइपोक्सिया ब्रेन की पुष्टि हुई । इस स्थिति में रिकवरी बेहद कम होती है।
डॉ रश्मि 5 को साल का टीचिंग का अनुभव था और गरीब मरीजों की मदद के लिए वे जानी जाती थी।
मेडिकल संस्थानों में इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं जहां डॉक्टर्स कार्य का दबाव और साथ ही प्रताड़ना से जूझते हुए पाए जाते हैं।

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