21 मार्च 2026
भोपाल। ईरान-इजरायल युद्ध के चलते एलपीजी सिलेंडरों और नेचुरल गैस की भारी कमी का असर अब मध्यप्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में साफ दिखने लगा है। गोविंदपुरा, देवास और रायसेन जिले के मंडीद्वीप क्षेत्र के करीब 500 लघु और मध्यम उद्योग इस संकट से प्रभावित हो रहे हैं।

इन क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग, धातु प्रसंस्करण और फैब्रिकेशन जैसे उद्योग बड़ी संख्या में संचालित होते हैं, जिन्हें रोजाना एलपीजी के व्यावसायिक सिलेंडरों की जरूरत होती है। लेकिन सिलेंडरों की कमी के कारण उत्पादन में भारी गिरावट आई है।

उद्योगपतियों के अनुसार, गैस की आपूर्ति बाधित होने से कई इकाइयां अपनी क्षमता से काफी कम स्तर पर काम कर रही हैं। कुछ उद्योगों में उत्पादन लगभग 40 प्रतिशत तक घट गया है। खासकर कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर उद्योगों की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है।

स्थिति इतनी खराब हो गई है कि यदि अगले 3-4 दिनों में गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो गोविंदपुरा क्षेत्र की लगभग 100 इकाइयों में ताले लग सकते हैं, जिससे हजारों श्रमिकों के रोजगार पर भी संकट मंडरा सकता है।

उद्योगपतियों ने इस समस्या को लेकर कलेक्टर से मदद की मांग की है। कलेक्टर ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन फिलहाल उद्योगों पर संकट बना हुआ है।