कोविड में मृत संविदाकर्मी के बेटे को अनुकंपा नियुक्ति नहीं, हाईकोर्ट का फैसला
संवाददाता
24 February 2026
अपडेटेड: 1:53 PM 0thGMT+0530
कोर्ट ने नीति की सीमा स्पष्ट करते हुए आदेश निरस्त किया।
ग्वालियर खंडपीठ ने कोविड काल में मृत मनरेगा संविदा सहायक लेखा अधिकारी के पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति देने के आदेश को निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि संबंधित कर्मचारी राज्य की नियमित सेवा में नहीं थे, इसलिए उन्हें राज्य की कोविड अनुकंपा नियुक्ति नीति का लाभ नहीं दिया जा सकता।
कोर्ट ने कहा कि संबंधित संविदाकर्मी का वेतन राज्य की समेकित निधि से नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की योजना के तहत दिया जाता था। इसी वजह से वह 28 मई 2021 की राज्य शासन की कोविड अनुकंपा नियुक्ति नीति के दायरे में नहीं आते हैं।
यह मामला दतिया जिले का है, जहां संविदा पदस्थ सहायक लेखा अधिकारी की 24 मई 2021 को कोविड संक्रमण के दौरान मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनके पुत्र ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, जिसे शासन ने अस्वीकार कर दिया था।
एकलपीठ ने पुनर्विचार का दिया था निर्देश।
इससे पहले हाईकोर्ट की एकलपीठ ने शासन को आवेदन पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था। इसके खिलाफ राज्य शासन ने खंडपीठ में अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया गया।
खंडपीठ ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति नीतिगत विषय है और इसे तय नियमों के अनुसार ही लागू किया जा सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि संविदा कर्मचारियों को इस नीति में शामिल करने का निर्णय सरकार के स्तर पर ही लिया जा सकता है।