16 अगस्त 2026:
मध्य प्रदेश/ भिंड
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में रविवार सुबह चंबल नदी के बीच एक स्टीमर अचानक रुक गया। इसमें करीब 40 यात्री सवार थे। दरअसल, स्टीमर का डीजल खत्म हो गया , जिससे तेज बहाव के बीच वह बहने लगा। राहत की बात रही कि सभी यात्री सुरक्षित हैं.
यह स्टीमर उत्तर प्रदेश के आगरा से संचालित हो रहा था। सवारियों के पास सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट तक नहीं थी। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने नाव के जरिए डीजल की व्यवस्था कराई । इसके बाद स्टीमर को दोबारा चालू करके सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया गया।
कोई भी दुर्घटना हो सकती थी:
अगर स्टीमर पलट जाता या कोई अप्रिय घटना होती, तो तेज बहाव में यात्रियों की जान बचाना बेहद मुश्किल हो जाता। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि बिना सुरक्षा मानकों के यह नाव संचालन कैसे हो रहा था।
तेज बहाव के बीच फंसे यात्री:
घटना उस समय हुई जब चंबल नदी अत्यधिक बारिश के कारण पूरे उफान पर थी । स्टीमर में करीब 40 लोग मौजूद थे। ईंधन खत्म होने के बाद चालक उसे आगे ले जाने में असमर्थ था। तभी स्टीमर पानी के बहाव के साथ आगे बहने लगा । कुछ देर तक यात्री नदी के बीच फंसे रहे। प्रशासन की ओर से डीजल पहुंचाए जाने के बाद स्टीमर में ईंधन भरा गया। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से नदी के किनारे पहुंचाया गया।
स्टीमर में मौजूद नहीं थे लाइफ जैकेट:
इस घटना में एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक स्टीमर में यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट भी मौजूद नहीं थी । ऐसे में यदि नदी के तेज बहाव के बीच कोई बड़ा हादसा होता तो यात्रियों की जान मुश्किल में पड़ सकती थी। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं। बताया जा रहा है कि स्टीमर का संचालन आगरा से किया जा रहा था । उसका संचालक भी आगरा का ही रहने वाला है
चंबल नदी में बहाव तेज और पानी गहरा होता है। यह नदी मध्य प्रदेश के महू के पास विंध्य पर्वत श्रृंखला की जानापाव पहाड़ियों से निकलती है। और फिर इसके बाद यह राजस्थान से होकर गुजरती है और उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है। इसके बाद अंत में इटावा के पास जाकर यह यमुना नदी में मिल जाती है
बारिश के मौसम में चंबल का जलस्तर काफी बढ़ जाता है। ऐसे में बीच नदी में ईंधन खत्म होना बेहद खौफनाक मंजर था। समय पर ईंधन के पहुंचने से और सूझबूझ से सभी यात्रियों की जिंदगियों को बचा लिया गया।


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