जुडा की हड़ताल डिप्टी सीएम से मुलाकात के बाद 16 मार्च तक टली:
संवाददाता
10 March 2026
अपडेटेड: 6:58 PM 0thGMT+0530
10 मार्च 2026:
प्रदेश मध्य प्रदेश:
जुडा की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं हुई प्रभावित:
मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेज में कल 9 मार्च को 8 हजार जूनियर डॉक्टर ने हड़ताल रखी । इससे प्रदेश के कई बड़े अस्पतालो में ओपीडी और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई।
सरकारी मेडिकल कॉलेज के करीब 8 हजार जूनियर डॉक्टर ने स्टाइपेंड की महंगाई भत्ते में संशोधन की मांग को लेकर हड़ताल की । सरकार द्वारा आश्वासन मिलते ही जूनियर डॉक्टर ने हड़ताल 16 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी है। सरकारी डॉक्टरों की यह हड़ताल सुबह 9:00 बजे से शुरू हुई और शाम 5:00 बजे तक चली।
इस बीच दोपहर को उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के साथ संयुक्त बैठक के बाद जेडीए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए। जिससे जूनियर डॉक्टर की हड़ताल 16 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। जेडीए ने आधिकारिक रूप से इस स्थगित हड़ताल की पुष्टि भी की है।
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का हड़ताल का असर सबसे ज्यादा मरीजों को जिन मरीजों सोमवार को ऑपरेशन होना था ऐसे 20 से ज्यादा मरीजों की सर्जरी हड़ताल के कारण टल गई।
हड़ताल का कारण:
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अनुसार सरकार को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर स्टाइपेंड में 1 अप्रैल 2025 से संशोधन लागू करना था किंतु अभी तक नहीं लागू नहीं किया गया । इस देरी को लेकर डॉक्टर्स में काफी नाराज की देखी गई। संगठन के अध्यक्ष डॉ महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अप्रैल 2025 से अब तक का बकाया एरियर के भुगतान को लेकर भी सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है । डॉक्टर का कहना है कि लंबे समय से चल रही इस स्टाइपेंड को लेकर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने का भरोसा जताया है।
डॉ महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जूनियर डॉक्टर पिछले सप्ताह से काली पट्टी बांधकर काम करते हुए विरोध जता रहे थे।किंतु सरकार ने उन पर ध्यान नहीं दिया इस वजह से उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाया।
इस हड़ताल के बावजूद भी मरीज को सुविधा न हो इसके लिए जूनियर डॉक्टर ने हमीदिया अस्पताल की परिसर में टेंट लगाकर ओपीडी की व्यवस्था की और वहां पर मौजूद मरीजों को परामर्श दिया डॉक्टर का कहना है कि वह समझते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह तप करना सही नहीं है किंतु सरकार का ध्यान उनकी मांगों की ओर आकर्षित करने का उनके पास और कोई रास्ता नहीं है।
किंतु अब उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त की संयुक्त बैठक के बाद जेडीए ने 16 मार्च तक इस हड़ताल को स्थगित कर दिया है।
इस हड़ताल का असर भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज ,इंदौर ,जबलपुर ,ग्वालियर, रीवा ,सागर और खंडवा सहित प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेज में देखने को मिला।