तनाव चरम पर: ईरान के परमाणु केंद्र पर चौथी बार हमला, ट्रंप की दो टूक चेतावनी- ‘सुधर जाओ या भुगतो’

khabar pradhan

संवाददाता

5 April 2026

अपडेटेड: 3:15 PM 0thGMT+0530

तनाव चरम पर: ईरान के परमाणु केंद्र पर चौथी बार हमला, ट्रंप की दो टूक चेतावनी- ‘सुधर जाओ या भुगतो’

5 अप्रैल 2026

नई दिल्ली:
पश्चिम एशिया में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब सीधे परमाणु ठिकानों तक पहुँच गया है। ख़बर है कि ईरान के बेहद महत्वपूर्ण बुशेहर परमाणु ऊर्जा केंद्र पर चौथी बार हमला हुआ है। इस हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर बहुत ही सख्त चेतावनी दी है, जिससे युद्ध का ख़तरा और गहरा गया है।

हमले में एक सुरक्षाकर्मी की मौत, परमाणु सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हमले ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। बताया जा रहा है कि हमले में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई है। यह हमला उस समय हुआ जब बुशेहर परमाणु ऊर्जा केंद्र से पूरे देश को बिजली की आपूर्ति हो रही थी। हालाँकि, ईरान ने साफ़ किया है कि केंद्र के आसपास रेडिएशन का कोई ख़तरा नहीं है। ईरान ने इस घटना की जानकारी तुरंत संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था आईएईए (IAEA) को दे दी है, जिसने पुष्टि की है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है।

हमलों का सिलसिला जारी: सिर्फ़ बुशेहर ही नहीं, और भी जगह हुए हमले
यह सिर्फ़ इकलौता हमला नहीं था। शनिवार को ईरान के कई और हिस्सों पर भी हमले हुए। ख़बरों के मुताबिक़, दक्षिण पश्चिम ईरान के महशहर विशेष पेट्रोकेमिकल ज़ोन पर भी हमला किया गया। इस हमले में पाँच लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, पश्चिमी ईरान में बोतलबंद पानी के एक गोदाम को भी निशाना बनाया गया।

ईरान का पलटवार: इजरायल पर क्लस्टर बम और तेल टैंकर पर ड्रोन हमला
ईरान भी चुप नहीं बैठा है और उसने इन हमलों का करारा जवाब देने का दावा किया है। ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में इजरायल के एक तेल टैंकर पर ड्रोन से हमला किया, जिससे उसमें आग लग गई। हालाँकि, इजरायल ने इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन कुछ सूत्रों के मुताबिक़ तेल टैंकर को मामूली नुक़सान पहुँचा है। इसके अलावा, ईरान ने इजरायल पर क्लस्टर बम से भी हमला करने का दावा किया है।

दुबई तक गूंजे धमाके: अमेरिकी कंपनियों पर भी हुआ असर
इन हमलों का असर सिर्फ़ ईरान और इजरायल तक ही सीमित नहीं रहा। दुबई में भी मिसाइलों के मलबे से दो इमारतों को नुक़सान पहुँचने की ख़बर है। ख़ास बात यह है कि दुबई इंटरनेट सिटी स्थित अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल का कार्यालय भी इस मलबे की चपेट में आ गया। इससे पहले ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा था कि उसने पिछले दिनों 18 अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की बात कही थी, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

ट्रंप की कड़ी चेतावनी: ’48 घंटे में समझौता करो या कयामत के लिए तैयार रहो’
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रूख़ और भी कड़ा हो गया है। उन्होंने ईरान के ऊर्जा ढांचों पर हमले को लेकर दी गई 10 दिनों की ढील की अवधि पूरी होने से पहले ही ईरान को चेतावनी दे दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान को ’48 घंटे के अंदर समझौता’ कर लेना चाहिए या ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को खोल देना’ चाहिए, अन्यथा उन पर ‘कयामत बरसने वाली’ है।
ट्रंप ने इस मौक़े पर नाटो (NATO) पर भी निशाना साधा और कहा कि नाटो ‘कमजोर’ है और वह अमेरिका के लिए एक ‘ग़ैर-भरोसेमंद साझेदार’ साबित हुआ है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका नाटो के साथ अपने रिश्तों की समीक्षा कर सकता है, जिससे पश्चिमी देशों के बीच भी खलबली मच गई है।

लेबनान और कुवैत तक फैला संघर्ष: क्या महासंग्राम की ओर बढ़ रही दुनिया?
इन घटनाओं के बीच, इजरायल ने लेबनान में हिज़बुल्ला के ठिकानों पर भी भीषण हमले जारी रखे हैं। वहीं, ईरान के उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज़ में एक मोबाइल बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर को ध्वस्त करने का दावा किया गया है। कुवैत ने दावा किया कि उसने पिछले 24 घंटों में आठ ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और 19 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है। वहीं, ख़ातम अल अनबिया सेंट्रल हेडक्वॉर्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाघरी ने दावा किया कि ईरान की नई हवाई रक्षा प्रणाली ने कुवैत स्थित अमेरिकी हिमा र्स रॉकेट लाँचर बैटरी और बहरीन में पैट्रियट मिसाइल बैटरी को निशाना बनाया है और अब और घातक हमले किए जाएँगे।
इन सभी घटनाओं को देखते हुए लगता है कि पश्चिम एशिया महासंग्राम की ओर बढ़ रहा है। पूरी दुनिया की नज़रें अब इस पर टिकी हैं कि क्या 48 घंटे में कोई समझौता होता है या हालात और भी ख़राब होते हैं।

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